{"_id":"6571a6d95ec592b644050506","slug":"onion-paneer-ready-for-farmers-at-krishi-vigyan-kendra-barthin-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-9749-2023-12-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए प्याज की पनीरी तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए प्याज की पनीरी तैयार
विज्ञापन
- 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीद सकते हैं किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए प्याज की पनीरी तैयार है। किसान पालम लोहित किस्म की पनीरी 200 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीद सकते हैं। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र के सब्जी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मनप्रीत कौर ने दी।
उन्होंने बताया की पालम लोहित किस्म का प्याज 110 से 125 दिनों में तैयार हो जाता है। इसके लिए किसान अपने खेतों की अच्छी तरह से जुताई कर लें। खेत में गोबर की गली सड़ी खाद और 12,32,16 खाद कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तय की गई अनुमोदित मात्रा में मिट्टी में मिला दें। इसके बाद खेत में पर्याप्त जल निकासी का ध्यान रखते हुए पनीरी लगाने के लिए बेड बनाएं। इसमें यूरिया खाद 45 दिन और 70 दिन के अंतराल में दें। उन्होंने बताया कि ढाई किलो ग्राम पनीरी से 60-70 किलोग्राम की पैदावार हो सकती है। अगर नैनो यूरिया का छिड़काव करना हो तो पांच एमएल प्रति लीटर के हिसाब से पनीरी में पत्ते बड़े होने पर छिड़काव करें, क्योंकि यह खाद पत्तों के माध्यम से पौधे में जाती है। 15 दिसंबर से प्याज की बुवाई के लिए उचित समय है। वहीं केंद्र प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं किसानों के लिए समय-समय पर विभिन्न सब्जियों की अच्छी किस्म की पौध तैयार करता है, ताकि किसान अच्छी पैदावार लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकें।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं में किसानों के लिए प्याज की पनीरी तैयार है। किसान पालम लोहित किस्म की पनीरी 200 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीद सकते हैं। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र के सब्जी विभाग की वैज्ञानिक डॉ. मनप्रीत कौर ने दी।
उन्होंने बताया की पालम लोहित किस्म का प्याज 110 से 125 दिनों में तैयार हो जाता है। इसके लिए किसान अपने खेतों की अच्छी तरह से जुताई कर लें। खेत में गोबर की गली सड़ी खाद और 12,32,16 खाद कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तय की गई अनुमोदित मात्रा में मिट्टी में मिला दें। इसके बाद खेत में पर्याप्त जल निकासी का ध्यान रखते हुए पनीरी लगाने के लिए बेड बनाएं। इसमें यूरिया खाद 45 दिन और 70 दिन के अंतराल में दें। उन्होंने बताया कि ढाई किलो ग्राम पनीरी से 60-70 किलोग्राम की पैदावार हो सकती है। अगर नैनो यूरिया का छिड़काव करना हो तो पांच एमएल प्रति लीटर के हिसाब से पनीरी में पत्ते बड़े होने पर छिड़काव करें, क्योंकि यह खाद पत्तों के माध्यम से पौधे में जाती है। 15 दिसंबर से प्याज की बुवाई के लिए उचित समय है। वहीं केंद्र प्रभारी डॉ. सीमा शाह ने बताया की कृषि विज्ञान केंद्र बरठीं किसानों के लिए समय-समय पर विभिन्न सब्जियों की अच्छी किस्म की पौध तैयार करता है, ताकि किसान अच्छी पैदावार लेकर अच्छा मुनाफा कमा सकें।
विज्ञापन