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Bilaspur News: बिस्तर, रेहड़ी और पत्थर लगाकर एकबार फिर एकतरफा बंद किया हाईवे

Wed, 17 Jan 2024 12:40 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jan 2024 12:40 AM IST
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Once again closed the highway one-way by placing beds, street vendors and stones
शिमला धर्मशाला हाईवे पर रखे गए रेहड़ी बिस्तर और पत्थर । संवाद
बिलासपुर। शिमला-धर्मशाला हाईवे का विवाद 2023 में सुर्खियों में रहने के बाद 2024 में भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को एक बार फिर राजनकांत ने मंगरोट में हाईवे पर एक किनारे बिस्तर, रेहड़ी और पत्थर लगाकर उसे एकतरफा बंद कर दिया। वहीं प्रशासन, लोकनिर्माण विभाग और पुलिस की लाख कोशिश के बाद भी रात तक उसे हाईवे से नहीं हटाया जा सका। शिमला-धर्मशाला हाईवे को मंगरोट के पास एक बार फिर से राजनकांत ने बिस्तर, रेहड़ी और पत्थर लगाकर उसे एक तरफ से बाधित कर दिया।राजनकांत का दावा है कि 2023 में हुई निशानदेही में हाईवे की आठ विस्वा जमीन उसकी माता के नाम निकली है। इसके बदले में उसने लोनिवि और प्रशासन के समक्ष शर्त रखी थी कि वह उसे दुकान लगाने के लिए जमीन मुहैया कराए। कहना है कि प्रशासन ने उसकी मांग पूरी नहीं की तो उसे बार-बार हाईवे बंद करना पड़ रहा है। कहा कि इस जमीन का उसे मुआवजा तक नहीं मिला है। प्रशासन ने उसे भूमि वापस करने को कहा था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। बता दें कि विवाद को एक साल से अधिक समय हो चुका है। अभी तक इसका समाधान नहीं हुआ है। राजनकांत हर सप्ताह हाईवे को बाधित करता है और कार्रवाई के नाम पर उसे सिर्फ नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इसे हाईवे से हटाना अब प्रशासन, लोकनिर्माण विभाग के लिए गले की फांस बन गया है। इस लड़ाई में इस हाईवे से सफर करने वाले वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को सुबह करीब 7:00 बजे से हाईवे को बिस्तर,रेहड़ी और पत्थर लगाकर एकतरफा बाधित कर दिया गया। इसके बाद पुलिस, लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राजनकांत की माता को प्रशासन से बात करने के लिए भी बुलाया गया। आश्वासन के बाद भी हाईवे को रात तक एक किनारे से बंद रखा गया था। राजनकांत का कहना है कि जब तक उसकी मांग पूरी नहीं होती है वह बिस्तर और रेहड़ी सड़क पर ही रखेगा।
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इनसेट
2023 में हुई थी निशानदेही
मामला तब उत्पन्न हुआ जब लोक निर्माण विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों के बाद हाईवे के किनारे से रेहड़ी फड़ी वालों को हटाया। मंगरोट में राजनकांत के खोखे को भी हटाया गया। इसके बाद उसने हाईवे की जमीन उसकी माता के नाम होने का दावा किया। वहीं हाईवे को बाधित भी किया। उसके बाद जमीन की निशानदेही हुई तो आठ बिस्वा जमीन उसकी माता के नाम पर निकली। इसके बाद से वह जमीन के मुआवजे की मांग लोक निर्माण विभाग से कर रहा है।
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इनसेट
नियमों के आधार पर नहीं हुई निशानदेही, एसडीएम कोर्ट में दी है चुनौती : लोनिवि
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि निशानदेही नियमों के आधार पर नहीं हुई है। जो निशानदेही हुई वह लोनिवि को मंजूर है या नहीं इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। 70 साल पहले हाईवे बना है। इस निशानदेही को विभाग ने एसडीएम कोर्ट में चुनौती दी है। निशानदेही होने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
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कोट
व्यक्ति को 133 का नोटिस जारी हुआ है। इसके उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं लोक निर्माण विभाग ने निशानदेही को चुनौती दी है। मामला एसडीएम न्यायालय में है। प्रशासन ने व्यक्ति को अपने स्तर पर समझाने और समस्या का समाधान करने का प्रयास किया है। इसके बावजूद वह कानून का उल्लंघन कर रहा है। दोबारा निशानदेही के बाद तय होगा कि जमीन उसकी है नहीं, उसके बाद आगामी कार्रवाई होगी।
- आबिद हुसैन सादिक, उपायुक्त
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