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Bilaspur News: दिवाली पर रात आठ से दस बजे तक ही चला सकेंगे पटाखे
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अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे चलाने पर रोक
जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लोग घरों की साफ-सफाई और सजावट के साथ त्योहार की खरीदारी में जुटे हैं। वहीं, दिवाली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोगों की सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने पटाखे चलाने की समयसीमा निर्धारित कर दी है। आठ नवंबर को दिवाली के दिन रात आठ से दस बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी।
जिला दंडाधिकारी किरण भड़ाना ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से नौ नवंबर तक लागू रहेंगे। निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। 125 डेसीबल अथवा 145 डेसीबल पीके से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। व्यक्तिगत रूप से श्रृंखलाबद्ध पटाखों के उपयोग में पटाखों की संख्या के अनुपात में निर्धारित ध्वनि सीमा को पांच लॉग 10 डेसीबल तक कम किया जाएगा।
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अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों और धार्मिक स्थलों के आसपास 100 मीटर का क्षेत्र शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां किसी भी समय पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और आग लगने की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर भी आतिशबाजी प्रतिबंधित रहेगी।
बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री पर रोक
पटाखों की दुकानों और अस्थायी स्टॉल लगाने के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोई भी व्यक्ति पटाखों का भंडारण या बिक्री नहीं कर सकेगा। दुकानदारों को विस्फोटक नियम, 2008 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और निवारक उपायों को अपनाना भी अनिवार्य होगा। जिला दंडाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों और नगरों में पटाखों की बिक्री के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों की जानकारी आम जनता और दुकानदारों को समय रहते उपलब्ध करवाने को कहा गया है, ताकि बाजारों में अनावश्यक भीड़ और सुरक्षा संबंधी परेशानियों से बचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि त्योहार के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और ध्वनि प्रदूषण से आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
गुरु पर्व और क्रिसमस पर भी तय रहेगा समय
प्रशासन ने दिवाली के अलावा अन्य त्योहारों पर आतिशबाजी के लिए भी समय निर्धारित किया है। गुरु पर्व पर 24 नवंबर को सुबह चार से पांच बजे और रात नौ से दस बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। क्रिसमस पर 25 और 26 दिसंबर की मध्यरात्रि 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी। इसी तरह नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर 2026 और एक जनवरी 2027 की मध्यरात्रि 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति रहेगी।
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जिला प्रशासन ने जारी किए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। दिवाली को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लोग घरों की साफ-सफाई और सजावट के साथ त्योहार की खरीदारी में जुटे हैं। वहीं, दिवाली पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी को लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। लोगों की सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने पटाखे चलाने की समयसीमा निर्धारित कर दी है। आठ नवंबर को दिवाली के दिन रात आठ से दस बजे तक ही आतिशबाजी की जा सकेगी।
जिला दंडाधिकारी किरण भड़ाना ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनुपालना में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से नौ नवंबर तक लागू रहेंगे। निर्धारित समय के अलावा पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। 125 डेसीबल अथवा 145 डेसीबल पीके से अधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। व्यक्तिगत रूप से श्रृंखलाबद्ध पटाखों के उपयोग में पटाखों की संख्या के अनुपात में निर्धारित ध्वनि सीमा को पांच लॉग 10 डेसीबल तक कम किया जाएगा।
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अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, न्यायालयों और धार्मिक स्थलों के आसपास 100 मीटर का क्षेत्र शांत क्षेत्र घोषित किया गया है। यहां किसी भी समय पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और आग लगने की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर भी आतिशबाजी प्रतिबंधित रहेगी।
बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री पर रोक
पटाखों की दुकानों और अस्थायी स्टॉल लगाने के लिए भी नियम निर्धारित किए गए हैं। संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट से लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोई भी व्यक्ति पटाखों का भंडारण या बिक्री नहीं कर सकेगा। दुकानदारों को विस्फोटक नियम, 2008 के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों और निवारक उपायों को अपनाना भी अनिवार्य होगा। जिला दंडाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों और नगरों में पटाखों की बिक्री के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों की जानकारी आम जनता और दुकानदारों को समय रहते उपलब्ध करवाने को कहा गया है, ताकि बाजारों में अनावश्यक भीड़ और सुरक्षा संबंधी परेशानियों से बचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित समय और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि त्योहार के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और ध्वनि प्रदूषण से आम लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
गुरु पर्व और क्रिसमस पर भी तय रहेगा समय
प्रशासन ने दिवाली के अलावा अन्य त्योहारों पर आतिशबाजी के लिए भी समय निर्धारित किया है। गुरु पर्व पर 24 नवंबर को सुबह चार से पांच बजे और रात नौ से दस बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति होगी। क्रिसमस पर 25 और 26 दिसंबर की मध्यरात्रि 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक आतिशबाजी की जा सकेगी। इसी तरह नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर 2026 और एक जनवरी 2027 की मध्यरात्रि 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक पटाखे चलाने की अनुमति रहेगी।