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Bilaspur News: भल्लू ही नहीं, झंडूता विधानसभा में छह पहाड़ियां बन चुकी हैं जानलेवा

Wed, 08 Oct 2025 05:51 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 08 Oct 2025 05:51 PM IST
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Not just Bhallu, six hills in the Jhanduta assembly constituency have become deadly.
घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो
दरकती पहाड़ियों का खौफ
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मांडवा पुल के पास हर साल होता है भूस्खलन, जा चुकी है एक जान
छह से ज्यादा सड़कें खड़ी और ढलवां कच्ची पहाड़ियों से हैं घिरी
मांडवा और सुन्हाणी पुल के किनारे की हैं सबसे खतरनाक पहाड़ियां
समाधान की बातें कागजों तक सीमित, धरातल पर नहीं उतरती है कोई योजना

सुभाष कपिल
झंडूता(बिलासपुर)। जिले के लोगों में इन दिनों सड़कों के किनारे खतरनाक दरकती पहाड़ियों को लेकर भय का माहौल है। मंगलवार शाम बरठीं–शाहतलाई मार्ग के भल्लू पुल के पास पहाड़ी दरकने से हुई निजी बस दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद लोगों के मन में सवाल है कि क्या हमारी सड़कें सफर करने के लिए सुरक्षित हैं?
झंडूता विधानसभा क्षेत्र में सिर्फ भल्लू पुल के समीप की पहाड़ी इकलौती नहीं है जो लोगों को हकीकत में ही नहीं सपने में भी डरा रही है। क्षेत्र में करीब आधा दर्जन सड़कें ऐसी हैं जो खड़ी और ढलवां पहाड़ियों से घिरी हैं। बरसात के मौसम में इनसे लगातार मिट्टी, मलबा और भारी-भरकम चट्टानें सड़क पर गिरती रहती हैं। कई बार इन चट्टानों की चपेट में वाहन आ चुके हैं और कई लोगों की जान तक जा चुकी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और विभाग हादसे के बाद ही सक्रिय होता है, जबकि जोखिम सालभर बना रहता है। यहां तो हर बरसात में मौत मंडराती है। जब तक कोई बड़ा हादसा न हो, तब तक काम शुरू नहीं होता। सबडिवीजन झंडूता के तहत झंडूता-भगेड़-भड़ोली कलां-शाहतलाई-बड़सर मार्ग का मांडवा पुल क्षेत्र बेहद संवेदनशील माना जाता है। दोनों ओर ऊंची और कमजोर पहाड़ियां हैं, जो बरसात के दौरान बार-बार दरकती हैं। यहां कई बार वाहन चट्टानों की चपेट में आ चुके हैं। विभाग नियमित रूप से मलबा हटाता है, लेकिन खतरा बना रहता है। इस स्थान पर मांडवा पुल बनने के बाद दो दशक पहले पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण हादसे में एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है।
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इसी तरह सेर तुंगड़ी-सुन्हाणी मार्ग का सुन्हाणी पुल भी खतरनाक पहाड़ियों से घिरा है। बारिश के दिनों में यहां भारी चट्टानें गिरने से सड़क कई-कई घंटे बंद रहती है। बरठीं-शाहतलाई मार्ग पर हुए भल्लू पुल हादसे ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है। सब डिवीजन कलोल के मरोतन-बागछाल मार्ग पर भी बरसात में भारी भरकम चट्टानें गिरती हैं। यह मार्ग कई बार घंटों बंद रहता है। इसी तरह थेह-बुहाड़ सड़क के टिहरी के पास की पहाड़ी से भी लगातार ल्हासे गिरते हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है। सब डिवीजन बरठीं के तहत आने वाली घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क पर भी हर बरसात में यही हाल रहता है। सुन्हाणी पुल के साथ लगती पहाड़ी के दरकने से बड़े-बड़े पत्थर सड़क पर गिर जाते हैं।
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इनसेट
जेसीबी ऑपरेटर खतरे के बीच काम करने को मजबूर
लोक निर्माण विभाग के जेसीबी ऑपरेटर और फील्ड कर्मचारी हर बार मलबा और चट्टानें हटाते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। कई बार मलबा हटाते समय चट्टानें फिर से गिर जाती हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। मशीन ऑपरेटर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जब हम पहाड़ी साफ करते हैं तो हर बार डर रहता है कि ऊपर से कुछ गिर न जाए। कई बार मशीनें भी चपेट में आने से बाल-बाल बची हैं।
इनसेट
जिले की यह पहाड़ियां भी हैं खतरनाक
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर थापना, मैहला, बलोह टोल प्लाजा के पास तीन जगह हर साल भारी भूस्खलन होता है। मैहला के पास भूस्खलन में दबने से एक पर्यटक की जान भी जा चुकी है। इसके अलावा मंडी भराड़ी पुल के पास इसी फोरलेन की वजह से पहाड़ी पर बसे पूरे गांव पर खतरा बना हुआ है। वहीं, श्री नयना देवी जी शक्तिपीठ सड़क पर मंडयाली के पास भी हर साल पहाड़ी से भूस्खलन होता है। लेकिन अस्थायी तौर पर समाधान के अलावा इन पहाड़ियों से भूस्खलन को रोकने का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
कोट
विभाग की सफाई, एक्सपर्ट से ली जा रही है सलाह
विभाग ने मांडवा पुल क्षेत्र की खतरनाक पहाड़ियों पर नियंत्रण के लिए एक्सपर्ट की सलाह ली है। अन्य स्थानों पर भी संवेदनशील बिंदुओं की पहचान की है और समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमने सभी संवेदनशील जगहों की पहचान कर ली है। विशेषज्ञों की मदद से चट्टानों के गिरने की रोकथाम के उपाय जल्द लागू होंगे, ताकि भविष्य में हादसे न हों।
राकेश कुमार शर्मा, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग झंडूता

कोट
भाजपा की सरकार में मांडवा की पहाड़ी पर नए पुल की योजना शुरू की थी। लोगों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। लेकिन सरकार बदली और परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। लेकिन अब इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया जाएगा।
जीत राम कटवाल, विधायक झंडूता

कोट
भल्लू पुल हादसे ने सभी को झकझोर दिया है। हम लोगों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध हैं। सीएम के समक्ष इस मुद्दे को रखा जाएगा। जल्द ही योजना तैयार कर इसे धरातल पर उतारेंगे।

विवेक कुमार, कांग्रेस नेता झंडूता

संवाद

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

घुमारवीं-बरड़-सुन्हाणी-बरठीं-शाहतलाई सड़क मार्ग पर भूस्खलन। फाइल फोटो

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