फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Negligence: Arrangement for accommodation of ambulance staff made in the form of TB sample

लापरवाही : टीबी सैंपल रूप में की गई एंबुलेंस कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था

Mon, 08 Sep 2025 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 08 Sep 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
Negligence: Arrangement for accommodation of ambulance staff made in the form of TB sample
भराड़ी अस्पताल का टीबी सैंपल रूम, जंहा एंबुलेंस कर्मियों के रहने की व्यवस्था की गई है। संवाद
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी का है मामला, कर्मचारियों ने जताई आपत्ति
विज्ञापन

विभाग का कहना, जो कमरा दिया है वहां नहीं रखे जाते हैं टीबी सैंपल

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आपातकालीन स्थिति में आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले एंबुलेंस कर्मियों को जिस कमरे में रहने की व्यवस्था की गई है, वह वास्तव में वह स्थान है जहां टीबी के सैंपल रखे जाते हैं। यह स्थिति स्वच्छता के लिहाज से तो सही नहीं ही है, बल्कि एंबुलेंस कर्मियों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।

कर्मचारियों के अनुसार एंबुलेंस कर्मी 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं। किसी भी समय दुर्घटना या आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सेवा देनी होती है। ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और स्वच्छ रूप से ठहरने की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मगर उन्हें जिस कमरे में भेजा गया है, वहां लंबे समय से टीबी रोगियों के सैंपल रखे जाते हैं। यह जगह संक्रमण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है और यहां रहने वालों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके जीवाणु हवा के माध्यम से भी फैल सकते हैं। अगर किसी स्थान पर संक्रमित सामग्री या सैंपल लंबे समय तक रखे जाएं, तो वहां मौजूद व्यक्ति के भी संक्रमित होने का खतरा रहता है। ऐसे में एंबुलेंस कर्मियों को इस कमरे में ठहराना उनके जीवन को जोखिम में डालने जैसा है। एंबुलेंस कर्मियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध जताया है। उनका कहना है कि वे दिन-रात लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं, लेकिन बदले में अस्पताल प्रशासन ने उनके लिए असुरक्षित जगह को ही आवास बना दिया। कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमसे हर समय सतर्क और सक्रिय रहने की उम्मीद की जाती है, लेकिन जब हमें ही बीमारियों के खतरे में डाल दिया जाए तो सेवा देना मुश्किल हो जाता है। हम चाहते हैं कि हमें सुरक्षित और स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप कमरा दिया जाए। गौरतलब है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी में पहले भी सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। एक्स-रे मशीन का लंबे समय तक खराब रहना, मरीजों को अन्य जगहों पर रेफर करना और स्टाफ की कमी जैसी समस्याएं यहां आम बात हैं। बीएमओ घुमारवीं अनुपम शर्मा ने कहा कि आपात स्थिति में कार्यरत कर्मचारी जैसे 102 या 108 के हैं उनको ग्राउंड फ्लोर पर रहना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में व्यवस्था शीघ्र हो सके। इसके अलावा जो कमरा इन्हें दिया गया है उसमें टीबी के सैंपल नहीं रखे जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed