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Bilaspur News: बिलासपुर में निकले भव्य नगर कीर्तन का संगत ने फूल बरसा कर किया जगह जगह स्वागत
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बिलासपुर। साहिबे कमाल श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के प्रकाशोत्सव के मौके पर बृहस्पतिवार को सुंदर झांकियों के बीच करीब दस किलोमीटर लंबा भव्य नगर कीर्तन निकाला गया। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की रहनुमाई एवं पंच प्यारों की अगुवाई में निकाले गए विशाल नगर कीर्तन में शामिल हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं, गतका पार्टियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सभी को हैरत में डाल दिया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह छबील व लंगर बरता कर स्वागत किया।
दशमेश पिता के प्रकाश पर्व पर बृहस्पतिवार को नगर कीर्तन क्षेत्र के ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद सर साहिब से कड़ाके की ठंड में सुबह सात बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब की रहनुमाई और पंच प्यारों की अगुवाई तथा दिल्ली कारसेवा वाले बाबा अनूप सिंह जी उर्फ वीर जी के नेतृत्व में विशाल नगर कीर्तन शुरू हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश पर बैठाकर फूलों से सजी सुंदर पालकी में आसीन किया गया । अरदास के बाद गुरु महाराज की रहनुमाई एवं पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन शुरू हुआ। श्रद्धालु पालकी के आगे फूलों की वर्षा करते चल रहे थे। पालकी के आगे सैकड़ों श्रद्धालु झाड़ू लगाते चल रहे थे। नगर कीर्तन में पंथ के प्रसिद्ध रागी, कविसरी, कथावाचक संगत को निहाल कर रहे थे। नगर वासियों की ओर से नगर में कई जगह हलवा, चना, बूंदी, पकौड़ी, फल, दूध आदि का प्रसाद बांट कर स्वागत किया गया। प्रेस क्लब द्वारा भी बिस्कुटों का लंगर लगाया गया था। नगर कीर्तन में जत्थों की ओर से लाउडस्पीकर पर गुरबाणी से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। इस दौरान यात्रा मार्ग को आकर्षक झालरों, गुब्बारों और पताकाओं से सजाया गया। गुरु की याद में नगर कीर्तन में शामिल संगत का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद रात को नगर कीर्तन नबाबगंज गुरुद्वारा पहुंचकर संपन्न हो गया।
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दशमेश पिता के प्रकाश पर्व पर बृहस्पतिवार को नगर कीर्तन क्षेत्र के ग्राम नवाबगंज स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु हरगोबिंद सर साहिब से कड़ाके की ठंड में सुबह सात बजे श्री गुरु ग्रंथ साहिब की रहनुमाई और पंच प्यारों की अगुवाई तथा दिल्ली कारसेवा वाले बाबा अनूप सिंह जी उर्फ वीर जी के नेतृत्व में विशाल नगर कीर्तन शुरू हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को शीश पर बैठाकर फूलों से सजी सुंदर पालकी में आसीन किया गया । अरदास के बाद गुरु महाराज की रहनुमाई एवं पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन शुरू हुआ। श्रद्धालु पालकी के आगे फूलों की वर्षा करते चल रहे थे। पालकी के आगे सैकड़ों श्रद्धालु झाड़ू लगाते चल रहे थे। नगर कीर्तन में पंथ के प्रसिद्ध रागी, कविसरी, कथावाचक संगत को निहाल कर रहे थे। नगर वासियों की ओर से नगर में कई जगह हलवा, चना, बूंदी, पकौड़ी, फल, दूध आदि का प्रसाद बांट कर स्वागत किया गया। प्रेस क्लब द्वारा भी बिस्कुटों का लंगर लगाया गया था। नगर कीर्तन में जत्थों की ओर से लाउडस्पीकर पर गुरबाणी से पूरा नगर भक्तिमय हो गया। इस दौरान यात्रा मार्ग को आकर्षक झालरों, गुब्बारों और पताकाओं से सजाया गया। गुरु की याद में नगर कीर्तन में शामिल संगत का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र का भ्रमण करने के बाद रात को नगर कीर्तन नबाबगंज गुरुद्वारा पहुंचकर संपन्न हो गया।
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