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कोठी मझेड़ क्लस्टर के संबंध में फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी : उपनिदेशक

Wed, 11 Feb 2026 11:22 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 11 Feb 2026 11:22 PM IST
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Misleading information being spread regarding Kothi Majhed cluster: Deputy Director
विभाग का कहना, भ्रामक प्रचार से दूर रहे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपनिदेशक बागवानी विभाग डॉ. जगदीश वर्मा ने बताया कि शिवा परियोजना के कोठी मझेड़ क्लस्टर को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा भ्रामक, असत्य और अप्रमाणिक प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भ्रामक प्रचार करने वाले तत्व क्लस्टर के किसान नहीं हैं और लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जिले के सभी किसानों एवं बागवानों से आह्वान किया है कि वह इस प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें।
उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा कोठी मझेड़ में स्थापित क्लस्टर में मौसंबी, ब्लड रेड, पेरा, बेस्टिन एवं वेलेंसिया सहित स्वीट ऑरेंज की विभिन्न किस्मों के लगभग 14,672 पौधे रोपित किए गए हैं। परियोजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बागवानों को आवश्यक खाद एवं दवाइयां इत्यादि उपलब्ध करवाई गई हैं। पौधों की सिंचाई सुविधा के लिए वर्षों से बंद पड़ी कूहल का जल शक्ति विभाग द्वारा जीर्णोद्धार करवाकर एक लाख लीटर क्षमता का मुख्य डिलीवरी टैंक तथा 20 हजार लीटर क्षमता के 8 मॉड्यूलर टैंकों का निर्माण किया गया तथा टपक सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है। डॉ. जगदीश वर्मा ने बताया कि राजस्व बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा क्लस्टर के दौरे के दौरान गंभरोला खड्ड में नई सिंचाई योजना की घोषणा के अनुसार स्कीम बनकर तैयार हो रही है और केवल पंप हाउस निर्माण का कार्य ही शेष बचा है, जिसे शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि क्लस्टर स्थापना से पूर्व जंगली जानवरों के आतंक के कारण क्षेत्र की भूमि बंजर पड़ी थी। बाद में कुछ किसानों द्वारा कूहल के पानी का उपयोग अन्य फसलों, विशेषकर लहसुन की खेती में करने के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है। किसी व्यक्ति द्वारा क्लस्टर के कारण आत्महत्या किए जाने की बात पूर्णतः असत्य है। संबंधित घटना दो वर्ष पूर्व की है जब क्लस्टर में फल लगना शुरू हुए थे और व्यक्ति की आत्महत्या का अन्य घरेलू कारण था, जिसकी पुष्टि मृतक व्यक्ति की पत्नी से की जा सकती है।
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