फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Mid-day meal workers presented their problems to the Deputy Director of Education.

Bilaspur News: मिड-डे मील कर्मियों ने शिक्षा उप निदेशक के सामने रखीं समस्याएं

Tue, 25 Jun 2024 11:56 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 25 Jun 2024 11:56 PM IST
विज्ञापन
Mid-day meal workers presented their problems to the Deputy Director of Education.
- जनवरी से रुके हुए वेतन को तुरंत प्रभाव से जारी करने की मांग की
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के बैनर तले मिड-डे मील कर्मियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रदेशाध्यक्ष कमलेश ठाकुर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय प्रतिनिधिमंडल उप शिक्षा निदेशक से मिले। इस दौरान उन्होंने अपनी समस्याओं को उनके समक्ष रखा। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक से भी मिला।
एटक के राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष लेखराम वर्मा ने बताया कि मिड-डे मील कर्मियों को जनवरी से रुका हुआ वेतन तुरंत प्रभाव से जारी किया जाए। इस वेतन की अदायगी के लिए हर माह की 7 तारीख सुनिश्चित की जाए। जिस कार्य के लिए सरकार ने उन्हें काम के लिए रखा है, उनसे केवल वही काम करवाया जाए। मिड-डे मील कर्मियों को नियमित करने की भी जोर-शोर से मांग उठाई। चिकित्सा प्रमाण पत्र, मिड-डे मील कर्मियों से नियुक्ति के समय ही लिया जाए। इसका नवीनीकरण संबंधित स्कूलों में ही निशुल्क बनाया जाए। यहीं नहीं उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार सभी वर्करों को 10 माह की बजाए 12 माह का वेतन दिया जाए। कमलेश ठाकुर ने कहा कि जिन स्कूलों के रसोईघरों की हालत दयनीय है, उनकी तुरंत प्रभाव से मरम्मत की जाए। मिड-डे मील कर्मियों द्वारा रसोई में प्रयोग होने वाले सामान गैस सिलिंडर, ईंधन, राशन आदि को ढोने के लिए अपनी जेब से पैसे दिए जाते हैं, यह भाड़ा मिड-डे मील कर्मियों से न लिया जाए। जिन स्कूलों में 25 बच्चों की संख्या है वहां पर दो व्यक्तियों से काम लिया जाना चाहिए, लेकिन ऐसे स्कूलों में केवल एक ही व्यक्ति से काम लेकर उनका शोषण किया जा रहा है। इस प्रतिनिधिमंडल में माला देवी, गोदावरी, नीलम कुमारी, फूला देवी, कला देवी, कांता देवी, दशोधा देवी, सुनीता देवी, निशा देवी, सोमा, मीना, मीरा देवी, निर्मला देवी, दमयंती व बिट्टू आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

उपायुक्त से मिलकर उन्होंने कहा कि मिड-डे मील वर्ग में अधिकांश महिलाएं हैं। हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में इस वर्ग से रात देर तक काम लिया गया। हैरानी की बात है कि इस काम के एवज में मिड-डे मील कर्मियों को कोई मेहनताना तक नहीं दिया गया जो कि गलत है। देर रात वापस घर आने के लिए कोई व्यवस्था तक नहीं थी ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवालों का कटघरे में खड़ा होना स्वाभाविक है। यह मामला संवेदनशील है। इस पर प्रशासन को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed