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मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान समय रहते होना चाहिए : विजय
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- देलग स्कूल में मनाया किशोर स्वास्थ्य दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। उपमंडल सदर की राजकीय उच्च पाठशाला देलग में किशोर स्वास्थ्य दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सदर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा ने की, जबकि मुख्य अध्यापक राजेंद्र वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी शर्मा और मस्तराम ने बच्चों को किशोर स्वास्थ्य पर जानकारी दी। स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सभी किशोरों को उनके स्वास्थ्य के बारे में सूचित करके और जिम्मेदारी से निर्णय लेने के योग्य बनाकर उनकी क्षमताओं का उपयोग करने के काबिल बनाना है। किशोरों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान समय रहते होना चाहिए, ताकि उन्हें मानसिक रोगी होने से बचाया जा सके। किशोरों के बीच चोटों और हिंसा को रोकने के लिए अनुकूल दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वहीं, मादक द्रव्यों के दुरुपयोग पर डॉ. रमन ने बच्चों को बताया कि नशा नाश है। नशे से सेहत रूपी अनमोल धन नष्ट हो जाता है। व्यक्ति तन और मन पूर्ण रूप से बर्बाद हो जाता है। कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी एनसीडी को रोकने के लिए किशोरों में व्यवहार परिवर्तन को लाने की जरूरत है। इसके मौके पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने पाठशाला का तंंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए भी निरीक्षण किया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। उपमंडल सदर की राजकीय उच्च पाठशाला देलग में किशोर स्वास्थ्य दिवस पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता सदर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा ने की, जबकि मुख्य अध्यापक राजेंद्र वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षक विजय कुमारी शर्मा और मस्तराम ने बच्चों को किशोर स्वास्थ्य पर जानकारी दी। स्वास्थ्य शिक्षक ने बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम का उद्देश्य देश के सभी किशोरों को उनके स्वास्थ्य के बारे में सूचित करके और जिम्मेदारी से निर्णय लेने के योग्य बनाकर उनकी क्षमताओं का उपयोग करने के काबिल बनाना है। किशोरों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का समाधान समय रहते होना चाहिए, ताकि उन्हें मानसिक रोगी होने से बचाया जा सके। किशोरों के बीच चोटों और हिंसा को रोकने के लिए अनुकूल दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। वहीं, मादक द्रव्यों के दुरुपयोग पर डॉ. रमन ने बच्चों को बताया कि नशा नाश है। नशे से सेहत रूपी अनमोल धन नष्ट हो जाता है। व्यक्ति तन और मन पूर्ण रूप से बर्बाद हो जाता है। कैंसर, मधुमेह, हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी एनसीडी को रोकने के लिए किशोरों में व्यवहार परिवर्तन को लाने की जरूरत है। इसके मौके पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने पाठशाला का तंंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान के लिए भी निरीक्षण किया।
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