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Bilaspur News: औद्योगिक सड़क की मरम्मत के लिए फिर सौंपा ज्ञापन
Sat, 06 Jun 2026 11:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 06 Jun 2026 11:31 PM IST
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उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते जिला लघु उद्योग संघ के सदस्य। स्रोत: संघ
गड्ढों में तब्दील हो चुकी है सड़क, उद्योगपतियों ने जताई नाराजगी
जिला लघु उद्योग संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिलासपुर। जिला लघु उद्योग संघ के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों ने उद्योग विभाग और जिला प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए खस्ताहाल सड़कों की समस्या को लेकर एक बार फिर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उद्योगपतियों ने कहा कि इस संबंध में 26 जनवरी और 25 अप्रैल 2026 को भी प्रदेश के उद्योग मंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है। सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि वाहन चलाना जानलेवा जोखिम बन गया है, जबकि पैदल चलना भी बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस समस्या को उजागर कर रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि जिला लघु उद्योग संघ की ओर से कई बार उद्योग विभाग और जिला प्रशासन को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सड़कों में गड्ढे नहीं हैं, बल्कि गड्ढों में सड़क दिखाई देती है।
संघ ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्र की सभी सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए आगामी 15 दिनों के भीतर निर्णायक कदम उठाए जाएं। उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो 1 जुलाई के बाद उद्योगपति आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उद्योग विभाग और जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले डेढ़ वर्ष से केवल औपचारिक और मामूली मरम्मत कार्य किए गए हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उद्योगपतियों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र का उपयोग अब प्रदेश और रेलवे परियोजनाओं से जुड़े बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं और यहां से गुजरने वाले वाहनों में लगभग 95 प्रतिशत बाहरी और परियोजना संबंधी यातायात शामिल है। ऐसे में सड़कों की बदहाली न केवल उद्योगों बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
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जिला लघु उद्योग संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
बिलासपुर। जिला लघु उद्योग संघ के नेतृत्व में औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों ने उद्योग विभाग और जिला प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी जताते हुए खस्ताहाल सड़कों की समस्या को लेकर एक बार फिर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उद्योगपतियों ने कहा कि इस संबंध में 26 जनवरी और 25 अप्रैल 2026 को भी प्रदेश के उद्योग मंत्री को ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है। सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि वाहन चलाना जानलेवा जोखिम बन गया है, जबकि पैदल चलना भी बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। प्रतिदिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो रही हैं और स्थानीय लोग लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस समस्या को उजागर कर रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि जिला लघु उद्योग संघ की ओर से कई बार उद्योग विभाग और जिला प्रशासन को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। उन्होंने कहा कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि सड़कों में गड्ढे नहीं हैं, बल्कि गड्ढों में सड़क दिखाई देती है।
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संघ ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि औद्योगिक क्षेत्र की सभी सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए आगामी 15 दिनों के भीतर निर्णायक कदम उठाए जाएं। उद्योगपतियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो 1 जुलाई के बाद उद्योगपति आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी उद्योग विभाग और जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पिछले डेढ़ वर्ष से केवल औपचारिक और मामूली मरम्मत कार्य किए गए हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है। उद्योगपतियों का कहना है कि इस औद्योगिक क्षेत्र का उपयोग अब प्रदेश और रेलवे परियोजनाओं से जुड़े बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं और यहां से गुजरने वाले वाहनों में लगभग 95 प्रतिशत बाहरी और परियोजना संबंधी यातायात शामिल है। ऐसे में सड़कों की बदहाली न केवल उद्योगों बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास और सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है।
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