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Bilaspur News: मेघनाद ने लक्ष्मण को किया मूर्छित, संजीवनी लेने हिमालय पहुंचे हनुमान
Sun, 27 Oct 2024 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 27 Oct 2024 11:20 PM IST
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-मार्ग में बाधा डालने पर हनुमान ने कालनेमि का किया वध
शहतलाई में चल रही रामलीला का दसवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई में चल रही रामलीला के दसवें दिन लक्ष्मण का मूर्छित होना और हनुमान का संजीवनी बूटी लाना सहित अन्य दृश्य दिखाए गए।
मंचन के पहले दृश्य में राम और रावण सेना में युद्ध का बिगुल बजते ही मेघनाद ने युद्ध भूमि में ब्रह्मशक्ति द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। मूर्छित पड़े लक्ष्मण को देख श्रीराम को विलाप करते देख पंडाल में बैठे दर्शक अपनी आंखों के आंसू न रोक सके। इसके बाद विभीषण के आग्रह पर लंका से हनुमान सुषेण वैद्य को लेकर आए। वैद्य ने मूर्छित लक्ष्मण को बचाने के लिए श्री राम के आग्रह पर द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी लाने के लिए कहा। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में रावण द्वारा भेजे गए साधु भेष में कालनेमि राक्षस का वध किया। द्रोणागिरी पर्वत को उठाए आकाश मार्ग से जाते समय भरत ने अयोध्या राज्य से गुजरते हुए हनुमान को बाण मारा और भूमि पर गिरा दिया। हनुमान ने भरत को सारी बता बताई। इस दृश्य में भरत हनुमान मिलन बेहतर ढंग से दर्शाया गया। संजीवनी बूटी पहुंचाने के कार्य में बाधा डालने भरत भाव विभोर हुए। संजीवनी बूटी के न आने से श्री राम का धीरज टूटते हुए लक्ष्मण मूर्छा दृश्य में राम बिलख-बिलखकर रो पड़े। संजीवनी पहुंचते ही सुषेण वैद्य ने उपचार से लक्ष्मण की जान बचाई। तब रामादल में हर्ष छा गया। अगले दृश्य में श्री राम ने कुंभकरण का वध किया। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाद का वध किया। इस मंचन में राम ने पवन कौशल, लक्ष्मण सुरेश पंडित, रावण राकेश शर्मा, मेघनाथ अजय शर्मा, कुंभकरण राजेश कुमार, हनुमान अमित शर्मा और भरत का किरदार विपुल कौशल ने निभाया।
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शहतलाई में चल रही रामलीला का दसवां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई में चल रही रामलीला के दसवें दिन लक्ष्मण का मूर्छित होना और हनुमान का संजीवनी बूटी लाना सहित अन्य दृश्य दिखाए गए।
मंचन के पहले दृश्य में राम और रावण सेना में युद्ध का बिगुल बजते ही मेघनाद ने युद्ध भूमि में ब्रह्मशक्ति द्वारा लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। मूर्छित पड़े लक्ष्मण को देख श्रीराम को विलाप करते देख पंडाल में बैठे दर्शक अपनी आंखों के आंसू न रोक सके। इसके बाद विभीषण के आग्रह पर लंका से हनुमान सुषेण वैद्य को लेकर आए। वैद्य ने मूर्छित लक्ष्मण को बचाने के लिए श्री राम के आग्रह पर द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी लाने के लिए कहा। इसके बाद हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में रावण द्वारा भेजे गए साधु भेष में कालनेमि राक्षस का वध किया। द्रोणागिरी पर्वत को उठाए आकाश मार्ग से जाते समय भरत ने अयोध्या राज्य से गुजरते हुए हनुमान को बाण मारा और भूमि पर गिरा दिया। हनुमान ने भरत को सारी बता बताई। इस दृश्य में भरत हनुमान मिलन बेहतर ढंग से दर्शाया गया। संजीवनी बूटी पहुंचाने के कार्य में बाधा डालने भरत भाव विभोर हुए। संजीवनी बूटी के न आने से श्री राम का धीरज टूटते हुए लक्ष्मण मूर्छा दृश्य में राम बिलख-बिलखकर रो पड़े। संजीवनी पहुंचते ही सुषेण वैद्य ने उपचार से लक्ष्मण की जान बचाई। तब रामादल में हर्ष छा गया। अगले दृश्य में श्री राम ने कुंभकरण का वध किया। इसके बाद लक्ष्मण ने मेघनाद का वध किया। इस मंचन में राम ने पवन कौशल, लक्ष्मण सुरेश पंडित, रावण राकेश शर्मा, मेघनाथ अजय शर्मा, कुंभकरण राजेश कुमार, हनुमान अमित शर्मा और भरत का किरदार विपुल कौशल ने निभाया।