{"_id":"6557a3cef7fde50e0a0c6d09","slug":"meeting-for-aquizition-of-land-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-8752-2023-11-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के भूमि अधिग्रहण के लिए हुई जनसुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के भूमि अधिग्रहण के लिए हुई जनसुनवाई
विज्ञापन
एडीसी ने भूमि मालिकों की आपत्तियों, सुझाव और मांगों को सुना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से होने वाले विस्थापित, प्रभावित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई एडीसी डॉक्टर निधि पटेल ने की। इस दौरान प्रभावित परिवारों की समस्याओं को अतिरिक्त उपायुक्त ने सुना। प्रभावितों ने मांग की कि उनकी जमीन की दोबारा निशानदेही करवाई जाए, वहीं उनके आवाजाही वाले रास्तों को भी अच्छे से बनाया जाए।
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के भवन, सड़क और रास्ते के निर्माण के लिए तीन बीघा 10 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण होना प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण से विस्थापित हाेने वाले परिवारों के पुनर्वास , पुनर्विस्थापन के लिए उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार (प्रतिकार, पुनर्वास, पुनर्विस्थापन और विकास योजना) के नियम 2015 के 7 (6) प्रावधानों के अनुसार यह जनसुनवाई हुई। इसमें भू मालिकों ने एडीसी के समक्ष शिकायतों और मांगों को रखा। भू-मालिकों ने जहां कॉलेज में रोजगार की मांग की, वहीं उचित मुआवजे की मांग उठाई। हाइड्रो कॉलेज के मुख्य गेट और प्राचार्य आवास का निर्माण किया जाना बाकी है। इसके लिए लंबे समय से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन भूमि मालिकों की ओर से मांगे जा रहे मुआवजे पर बात नहीं बन पा रही थी। इसके बाद इसकी सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट बनाई गई। वहीं इस जमीन का भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत अब अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी के लिए प्रशासन सारी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से होने वाले विस्थापित, प्रभावित परिवारों की समस्याओं की सुनवाई एडीसी डॉक्टर निधि पटेल ने की। इस दौरान प्रभावित परिवारों की समस्याओं को अतिरिक्त उपायुक्त ने सुना। प्रभावितों ने मांग की कि उनकी जमीन की दोबारा निशानदेही करवाई जाए, वहीं उनके आवाजाही वाले रास्तों को भी अच्छे से बनाया जाए।
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला के भवन, सड़क और रास्ते के निर्माण के लिए तीन बीघा 10 बिस्वा जमीन का अधिग्रहण होना प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण से विस्थापित हाेने वाले परिवारों के पुनर्वास , पुनर्विस्थापन के लिए उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार (प्रतिकार, पुनर्वास, पुनर्विस्थापन और विकास योजना) के नियम 2015 के 7 (6) प्रावधानों के अनुसार यह जनसुनवाई हुई। इसमें भू मालिकों ने एडीसी के समक्ष शिकायतों और मांगों को रखा। भू-मालिकों ने जहां कॉलेज में रोजगार की मांग की, वहीं उचित मुआवजे की मांग उठाई। हाइड्रो कॉलेज के मुख्य गेट और प्राचार्य आवास का निर्माण किया जाना बाकी है। इसके लिए लंबे समय से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन भूमि मालिकों की ओर से मांगे जा रहे मुआवजे पर बात नहीं बन पा रही थी। इसके बाद इसकी सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट बनाई गई। वहीं इस जमीन का भूमि अधिग्रहण एक्ट के तहत अब अधिग्रहण किया जा रहा है। इसी के लिए प्रशासन सारी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है।
विज्ञापन