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मजारी, दबट तथा झिडिय़ां में धड़ल्ले से चल रहा शराब का अवैध कारोबार

Thu, 20 Jan 2022 09:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jan 2022 09:54 PM IST
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Mazari, Dabat and Jhiyan in hustle and bustle
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। एक तरफ जहां प्रदेश में जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत के मामले सामने आ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर और पंजाब की सीमा पर बिलासपुर में बसे मजारी गांव की हकीकत को भूल जाना गैर जिम्मेदाराना होगा। ऐसे तो श्री नयना देवी जी विस क्षेत्र के ऐसे गांव जो पंजाब सीमा से जुड़े हैं उनमें से हर प्रकार के नशे की तस्करी आराम से प्रदेश में होती है, लेकिन यहां का मजारी क्षेत्र कच्ची शराब बनाने को लेकर चर्चा में है।
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वर्षों से इस क्षेत्र में कच्ची लाहन बन रही है। कोट थाना पुलिस कई बार शराब के इस अवैध कारोबार को बंद करवाने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन यह कारोबार आए दिन और फल फूल रहा है। हाल ही में मंडी के सुंदरनगर में बनी जहरीली शराब तो कंपनी मार्का थी, जहां पर एक्साइज अधिकारी खुद शराब की जांच करते हैं और फिर वह ग्राहकों तक पहुंचती है, लेकिन मजारी खड्ड के किनारे तैयार होने वाली इस कच्ची शराब पर न किसी की नजर होती है और न कोई जांच। यह सीधे जाकर लोगों के पेट में पहुंचती है। इस कारण इसके खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। बताते चलें कि श्री नयना देवी जी विधानसभा क्षेत्र के गांव मजारी, दबट तथा झिड़ियां में शराब का अवैध कारोबार होता है। इस संदर्भ में पुलिस समय-समय पर कार्रवाई भी करती है तथा लोगों पर मुकदमे भी दर्ज किए जाते हैं। परंतु इतना सब होने के बावजूद इस अवैध कारोबार पर अभी तक पूर्णतया अंकुश नहीं लग पाया है। इस कारण अवैध शराब का धंधा अभी तक भी बदस्तूर जारी है।
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अगर साल 2022 के जनवरी माह की बात करें तो अभी तक पुलिस ने अवैध शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज किए हैं, जबकि अभी हाल ही में मंगलवार को रात लगभग 1:30 बजे थाना कोर्ट पुलिस के प्रभारी गौरव भारद्वाज ने मजारी गांव में दबिश देकर चलती भट्टी सहित लगभग 35 लीटर लाहन बरामद की। चिंता का विषय यह है कि पंजाब से लगते इस क्षेत्र में पिछले कई सालों में लाखों लीटर लाहन को बर्बाद कर कई भट्टियों को नष्ट किया गया है, लेकिन इसका इस कारोबार पर कोई असर नहीं हुआ। वहीं एक तरफ जहां यह नाकामयाबी पुलिस के मुंह पर तमाचा है वहीं, आमजन के लिए खतरे की घंटी है।
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क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा लगभग 10 से 12 किलोमीटर के क्षेत्र में किया जाता है। अवैध शराब बनाने के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। इसलिए अक्षर खड्ड के किनारे यह धंधा किया जाता है।
कोट थाना के एसएचओ गौरव भारद्वाज का कहना है कि अवैध धंधा करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया हुआ है। आने वाले समय में इसमें और तीव्रता लाई जाएगी। इस तरह का धंधा करने वालों को बढ़ने नहीं दिया जाएगा। लोगों से आग्रह है कि अगर कोई व्यक्ति अवैध शराब का धंधा करता है तो उसके बारे में पुलिस को जानकारी दें।

-पुलिस समय-समय पर अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है। आरोपी पकड़े भी जा रहे हैं। लोग अवैध शराब का प्रयोग न करें, ताकि उनकी जान को कोई खतरा न हो।
-पूर्ण चंद, डीएसपी श्री नयना देवी जी
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