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Bilaspur News: भारी बारिश से खेतों में बिछी मक्की की फसल

Wed, 03 Sep 2025 11:28 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 03 Sep 2025 11:28 PM IST
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Maize crop damaged in fields due to heavy rain
बंदलाधार में बारिश से खेतों में बिछी मक्की की फसल। संवाद
किसानों की बढ़ी चिंता, अच्छी फसल की संभावना हुई खत्म
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सरकार से फसल के नुकसान की भरपाई की उठाई मांग

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में लगातार बारिश हो रही बारिश ने मक्की की फसल का काफी नुकसान पहुंचाया है। मक्की की फसल खराब होने से किसान चिंतित हो गए हैं। किसानों ने सरकार से फसल के नुकसान की भरपाई की करने मांग की है।
शाहतलाई, घुमारवीं, सदर, झंडूता क्षेत्र में मक्की की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। किसानों की कहना है कि उनकी 70 फीसदी फसल बर्बाद हुई है। तेज बारिश और तूफान से फसल खेतों में बिछ गई है। किसानों में रामपाल, संजय कुमार, सतपाल, राकेश कुमार, जोगिंद्र कुमार, बलदेव कुमार ने बताया की इस बार सही समय पर मक्की की फसल की बिजाई के लिए बारिश होने पर खेतों में उपयुक्त नमी होने के कारण बंपर पैदावार होने की संभावना थी। मक्की की पौध उगते ही पहले सुंडी ने हमला कर दिया, जिसने करीब 20 फीसदी फसल तबाह कर दी। इसके बावजूद भी अच्छी फसल होने की संभावना थी। लगातार हो रही बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसानों का कहना है कि महंगे दामों पर बीज खरीदने के बावजूद भी अब गुजारे लायक फसल होने की उम्मीद कम दिखाई देने लगी है। ग्राम पंचायत बंदला के पूर्व प्रधान रामलोक ठाकुर ने बताया कि बंदला धार में 80 प्रतिशत फसल बर्बाद हो चुकी है। फसल पूरी तरह खेतों में बिछ गई है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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उन्होंने बताया कि इस बारे में कृषि विशेषज्ञ अधिकारी सदर और पटवारी को भी मौके की जानकारी दी है, लेकिन अभी तक मौके का निरीक्षण नहीं हुआ है। किसानों ने सरकार से फसल भरपाई की मांग की है। बता दें कि जिले में 25 हजार हेक्टेयर भूमि पर 55 हजार किसान पर परिवार मक्की की बिजाई करते हैं। 80 फीसदी फसल बारिश पर निर्भर करती है। जिला कृषि विभाग उप निदेशक प्रेम ठाकुर ने बताया कि अभी तक विभाग के पास कोई आंकड़ा नहीं आया है। किसान इसकी रिपोर्ट खंड स्तर पर करें, जिसके बाद विभाग इसकी जांच करेगा। उन्होंने बताया कि एप के माध्यम से भी यह रिपोर्ट की जा सकती है।
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इनसेट

नुकसान की रिपोर्ट

जिला कृषि उपनिदेशक प्रेम ठाकुर ने बताया कि डीडीएमए की ओर से एक पोर्टल तैयार किया है, जिस पर मक्की के नुकसान की रिपोर्ट खंड स्तर से दर्ज की जाएगी। खंड स्तर पर इसके लिए अधिकारी तैनात हैं जो किसानों के नुकसान का आंकड़ा पोर्टल में भरेंगे। किसान अपने स्तर पर भी नुकसान की रिपोर्ट विभाग को भेज सकता है। फिलहाल उनके पास कोई नुकसान का आंकड़ा नहीं आया है।
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