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भाखड़ा विस्थापित झेल रहे लो वोल्टेज की समस्या : कटवाल
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विधानसभा सत्र में भाजपा के विधायक ने उठाया बिजली का मुद्दा, प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कदम उठाए सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कारगर कदम उठाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध के निर्माण के लिए झंडूता समेत बिलासपुर के कई क्षेत्रों के लोगों ने बड़ा बलिदान दिया है। उनके इस त्याग की वजह से पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्य रोशन हुए हैं, लेकिन हजारों भाखड़ा विस्थापित आज भी कम वोल्टेज समेत बिजली की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों के घरों और खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों को हटाने के लिए सारा खर्च उन्हीं से वसूले जाने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस काम पर होने वाले खर्च का 75-80 फीसदी हिस्सा सरकार को वहन करना चाहिए। विधानसभा सत्र में जीतराम कटवाल ने नियम 130 के तहत बिजली का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत किया। चर्चा शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली लोगों की अहम जरूरत बन चुकी है। बल्ब, ट्यूब लाइट, पंखे, कूलर और एसी से लेकर घरेलू कार्यों और खेतीबाड़ी में प्रयोग होने वाले ज्यादातर उपकरण बिजली से चलते हैं। यही वजह है कि बिजली की मांग और खपत लगातार बढ़ रही है। इससे कम वोल्टेज की समस्या पैदा होना स्वाभाविक है। हालांकि इसके लिए सिंगल फेज लाइन को डबल और ट्रिपल करने के साथ ही नए सब-स्टेशन और ट्रांसफार्मर स्थापित करने जैसे कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाते हैं, लेकिन कुछ और समस्याएं भी हैं। झंडूता विधानसभा क्षेत्र में बिजली के सारे फीडर सीरीज में हैं। अगर एक फीडर फेल हो जाए, तो उसके आगे के सभी फीडर भी ठप हो जाते हैं। लिहाजा इन्हें सीरीज के बजाए पैरेलल किया जाना जरूरी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। झंडूता के विधायक जीतराम कटवाल ने विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कारगर कदम उठाने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा बांध के निर्माण के लिए झंडूता समेत बिलासपुर के कई क्षेत्रों के लोगों ने बड़ा बलिदान दिया है। उनके इस त्याग की वजह से पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्य रोशन हुए हैं, लेकिन हजारों भाखड़ा विस्थापित आज भी कम वोल्टेज समेत बिजली की अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों के घरों और खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों को हटाने के लिए सारा खर्च उन्हीं से वसूले जाने पर भी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस काम पर होने वाले खर्च का 75-80 फीसदी हिस्सा सरकार को वहन करना चाहिए। विधानसभा सत्र में जीतराम कटवाल ने नियम 130 के तहत बिजली का मुद्दा प्रमुखता से उठाते हुए प्रस्ताव प्रस्तुत किया। चर्चा शुरू करते हुए उन्होंने कहा कि बिजली लोगों की अहम जरूरत बन चुकी है। बल्ब, ट्यूब लाइट, पंखे, कूलर और एसी से लेकर घरेलू कार्यों और खेतीबाड़ी में प्रयोग होने वाले ज्यादातर उपकरण बिजली से चलते हैं। यही वजह है कि बिजली की मांग और खपत लगातार बढ़ रही है। इससे कम वोल्टेज की समस्या पैदा होना स्वाभाविक है। हालांकि इसके लिए सिंगल फेज लाइन को डबल और ट्रिपल करने के साथ ही नए सब-स्टेशन और ट्रांसफार्मर स्थापित करने जैसे कार्य चरणबद्ध तरीके से किए जाते हैं, लेकिन कुछ और समस्याएं भी हैं। झंडूता विधानसभा क्षेत्र में बिजली के सारे फीडर सीरीज में हैं। अगर एक फीडर फेल हो जाए, तो उसके आगे के सभी फीडर भी ठप हो जाते हैं। लिहाजा इन्हें सीरीज के बजाए पैरेलल किया जाना जरूरी है।