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Bilaspur News: पशु मंडी व किसान मेले की सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों ने दिखाया जलवा
Sat, 11 Oct 2025 11:58 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 11 Oct 2025 11:58 PM IST
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नम्होल प्रथम सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकार प्रस्तुति देते हुए। संवाद
सुंदर नगर के आशीष, हमीरपुर की निम्बो देवी, सोलन के अनिल मान के नाम रही शाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नम्होल में चल रहे पारंपरिक पशु मंडी एवं किसान मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह स्थानीय कलाकारों के नाम रही। शुरुआत सुंदरनगर के गायक आशीष भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज से की, जिनके गीतों पर दर्शक झूम उठे।
इसके बाद हमीरपुर की लोक गायिका निम्बो देवी ने अपने पहाड़ी लोकगीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। सोलन के अनिल मान और डैहर के विजय गुलशन ने अपनी शानदार गायकी और सधे मंच संचालन से माहौल को जीवंत बनाए रखा। दर्शकों ने इन सभी कलाकारों के गीतों और संवाद शैली पर खूब सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरकारी ठेकेदार सोनू, ललित ठाकुर और धीरज ठाकुर ने कलाकारों के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिलती है। मेला समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सफलता पूरे दल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। संध्या के समापन पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और मेला आयोजन टीम को इस शानदार सांस्कृतिक आयोजन के लिए बधाई दी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नम्होल में चल रहे पारंपरिक पशु मंडी एवं किसान मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या पूरी तरह स्थानीय कलाकारों के नाम रही। शुरुआत सुंदरनगर के गायक आशीष भारद्वाज ने अपनी मधुर आवाज से की, जिनके गीतों पर दर्शक झूम उठे।
इसके बाद हमीरपुर की लोक गायिका निम्बो देवी ने अपने पहाड़ी लोकगीतों से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला यहीं नहीं थमा। सोलन के अनिल मान और डैहर के विजय गुलशन ने अपनी शानदार गायकी और सधे मंच संचालन से माहौल को जीवंत बनाए रखा। दर्शकों ने इन सभी कलाकारों के गीतों और संवाद शैली पर खूब सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे सरकारी ठेकेदार सोनू, ललित ठाकुर और धीरज ठाकुर ने कलाकारों के प्रदर्शन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है, बल्कि प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिलती है। मेला समिति के सदस्यों ने बताया कि यह सफलता पूरे दल के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। संध्या के समापन पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और मेला आयोजन टीम को इस शानदार सांस्कृतिक आयोजन के लिए बधाई दी।
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