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Bilaspur News: तीन माह बाद जिले में हल्की बारिश, किसानों को राहत
Thu, 01 Jan 2026 11:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 01 Jan 2026 11:32 PM IST
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खेतों में पीली पड़ी गेहूं। संवाद
गेहूं की पीली पड़ती फसल को मिली संजीवनी, तापमान में आई भारी गिरावट
बारिश से पहले 22 डिग्री था तापमान, वीरवार को गिरकर 15 डिग्री पहुंचा
जिले में 28 हजार हेक्टेयर में खेती, 60 हजार किसान परिवार आश्रित
केवल 20 फीसदी भूमि पर सिंचाई सुविधा, शेष बारिश पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में करीब तीन माह के लंबे अंतराल के बाद वीरवार को हुई हल्की बारिश ने किसानों की चिंता थोड़ी तक कम कर दी है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी थी, जिससे किसान परेशान थे। अब इस बारिश से गेहूं, लहसुन, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं आमजन के लिए तापमान गिरने से ठंड में इजाफा हो गया है।
बारिश से पहले जिले में अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। वीरवार को बारिश के साथ ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर करीब 15 डिग्री सेल्सियस रह गया। इससे न केवल मौसम में ठंडक बढ़ी, बल्कि फसलों के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है। दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। जिले के कई हिस्सों में बारिश अच्छी हुई तो कहीं मात्र बूंदाबांदी ही हुई। इससे खेतों में नमी लौटी और बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता भी थोड़ी पूरी हो गई। किसानों में ओंकार सिंह, नरेश कुमार, योगराज, रोशन लाल, तिलक राज, हरी सिंह और सुनीत सिंह ने कहा कि इस बारिश ने उन्हें उम्मीद दी है। अगर इन दिनों में बारिश हो जाए तो गेहूं की फसल के लिए यह अमृत समान है। लंबे समय तक बारिश न होने से गेहूं की बढ़वार रुकने लगी थी, वहीं अब पीले रतुआ जैसी बीमारियों के खतरे से भी राहत मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगभग 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर करीब 60 हजार किसान परिवार खेती करते हैं। इनमें से केवल 20 फीसदी क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शेष कृषि भूमि पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
इनसेट
बारिश के बाद बढ़ेगा धुंध का प्रकोप
बारिश के बाद अब जिले में धुंध का प्रकोप भी बढ़ने की संभावना है। तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ने से सुबह और शाम के समय धुंध छाने के आसार जताए जा रहे हैं। इससे जहां ठंड और बढ़ेगी, वहीं लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
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बारिश से पहले 22 डिग्री था तापमान, वीरवार को गिरकर 15 डिग्री पहुंचा
जिले में 28 हजार हेक्टेयर में खेती, 60 हजार किसान परिवार आश्रित
केवल 20 फीसदी भूमि पर सिंचाई सुविधा, शेष बारिश पर निर्भर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में करीब तीन माह के लंबे अंतराल के बाद वीरवार को हुई हल्की बारिश ने किसानों की चिंता थोड़ी तक कम कर दी है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी थी, जिससे किसान परेशान थे। अब इस बारिश से गेहूं, लहसुन, सरसों सहित अन्य रबी फसलों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं आमजन के लिए तापमान गिरने से ठंड में इजाफा हो गया है।
बारिश से पहले जिले में अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा था। वीरवार को बारिश के साथ ही तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह घटकर करीब 15 डिग्री सेल्सियस रह गया। इससे न केवल मौसम में ठंडक बढ़ी, बल्कि फसलों के लिए भी अनुकूल वातावरण बना है। दोपहर बाद बारिश शुरू हुई। जिले के कई हिस्सों में बारिश अच्छी हुई तो कहीं मात्र बूंदाबांदी ही हुई। इससे खेतों में नमी लौटी और बारिश पर निर्भर क्षेत्रों में सिंचाई की आवश्यकता भी थोड़ी पूरी हो गई। किसानों में ओंकार सिंह, नरेश कुमार, योगराज, रोशन लाल, तिलक राज, हरी सिंह और सुनीत सिंह ने कहा कि इस बारिश ने उन्हें उम्मीद दी है। अगर इन दिनों में बारिश हो जाए तो गेहूं की फसल के लिए यह अमृत समान है। लंबे समय तक बारिश न होने से गेहूं की बढ़वार रुकने लगी थी, वहीं अब पीले रतुआ जैसी बीमारियों के खतरे से भी राहत मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगभग 28 हजार हेक्टेयर भूमि पर करीब 60 हजार किसान परिवार खेती करते हैं। इनमें से केवल 20 फीसदी क्षेत्र में ही सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, जबकि शेष कृषि भूमि पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है। ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है।
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बारिश के बाद बढ़ेगा धुंध का प्रकोप
बारिश के बाद अब जिले में धुंध का प्रकोप भी बढ़ने की संभावना है। तापमान में गिरावट और वातावरण में नमी बढ़ने से सुबह और शाम के समय धुंध छाने के आसार जताए जा रहे हैं। इससे जहां ठंड और बढ़ेगी, वहीं लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

खेतों में पीली पड़ी गेहूं। संवाद
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