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Bilaspur News: सरकारी जंगल में धड़ल्ले से कट रहे खैर के पेड़, विभाग को नहीं भनक
Thu, 18 Jun 2026 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:44 PM IST
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प्लासला पंचायत की वन बीट मोहड़ा में काटे खैर के पेड़। स्रोत: जागरूक पाठक
प्लासला पंचायत की वन बीट मोहड़ा में अवैध कटान का आरोप
लाखों रुपये की वन संपदा चोरी होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की प्लासला पंचायत के अंतर्गत वन बीट मोहड़ा क्षेत्र में सरकारी जंगल से खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जंगल में चोरी-छिपे खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार जंगल के बीचों-बीच कई खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं, जिनकी कीमत हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये तक हो सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि सरकारी भूमि से दर्जनों खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं। रात के समय अज्ञात लोगों की आवाजाही देखी जाती है और कई बार एक जीप को जंगल की ओर जाते हुए भी देखा गया है। लोगों का आरोप है कि कटाई सुनियोजित तरीके से की जा रही है ताकि किसी को इसकी जानकारी न मिल सके। ग्रामीणों के अनुसार बाजार में खैर की लकड़ी की अच्छी कीमत मिलने के कारण तस्कर इस प्रजाति के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कटान के बाद लकड़ी को रात के अंधेरे में जंगल से बाहर निकालकर अन्य राज्यों तक भेजा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र की वन संपदा को भारी नुकसान हो सकता है।
स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जंगलों में नियमित गश्त और निरीक्षण होता तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई संभव नहीं हो पाती। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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इस संबंध में आरओ भराड़ी अजय कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि विभागीय कर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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लाखों रुपये की वन संपदा चोरी होने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की प्लासला पंचायत के अंतर्गत वन बीट मोहड़ा क्षेत्र में सरकारी जंगल से खैर के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जंगल में चोरी-छिपे खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन वन विभाग को इसकी भनक तक नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार जंगल के बीचों-बीच कई खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं, जिनकी कीमत हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये तक हो सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियां बढ़ी हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि सरकारी भूमि से दर्जनों खैर के पेड़ काटे जा चुके हैं। रात के समय अज्ञात लोगों की आवाजाही देखी जाती है और कई बार एक जीप को जंगल की ओर जाते हुए भी देखा गया है। लोगों का आरोप है कि कटाई सुनियोजित तरीके से की जा रही है ताकि किसी को इसकी जानकारी न मिल सके। ग्रामीणों के अनुसार बाजार में खैर की लकड़ी की अच्छी कीमत मिलने के कारण तस्कर इस प्रजाति के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि कटान के बाद लकड़ी को रात के अंधेरे में जंगल से बाहर निकालकर अन्य राज्यों तक भेजा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र की वन संपदा को भारी नुकसान हो सकता है।
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स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जंगलों में नियमित गश्त और निरीक्षण होता तो इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई संभव नहीं हो पाती। ग्रामीणों ने विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
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इस संबंध में आरओ भराड़ी अजय कुमार ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि विभागीय कर्मियों को मौके पर भेजा जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्लासला पंचायत की वन बीट मोहड़ा में काटे खैर के पेड़। स्रोत: जागरूक पाठक