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Bilaspur News: कंदरौर और कोठी पुल लावारिस मवेशियों का बने आरामगाह
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- झुंडों में बैठे रहने से राहगीर और वाहन चालक परेशान
- रात के अंधेरे में हो सकता है कोई भी बड़ा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं-बिलासपुर मार्ग पर कंदरौर और कोठी पुल को लावारिस पशुओं ने अपना आरामगाह बना लिया है। पुलों पर लावारिस पशुओं के डेरा डाले रहने से जहां एक ओर यातायात व्यवस्था चरमरा रही है वहीं राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है।
हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। लावारिस मवेशी पुलों पर बैठने के अलावा यह मार्ग पर भी झुंड पर घूमते रहते हैं। इससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। रात होने पर पुल और मार्ग पर अंधेरा होने की वजह से कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। इस गंभीर समस्या का अभी तक कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है। अब तो लावारिस पशु हमलावर होने लगे हैं। राहगीरों पर इनके हमले किसी से छिपे नहीं हैं। जिले में लावारिस पशुओं की बढ़ती तादाद न केवल किसानों बल्कि लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बन चुकी है। विकराल होती समस्या के प्रति भले ही प्रशासन का सुस्त रवैया लोगों की जान को खतरे में डालता हुआ प्रतीत हो रहा है। लोगों ने प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए।
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- रात के अंधेरे में हो सकता है कोई भी बड़ा हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। घुमारवीं-बिलासपुर मार्ग पर कंदरौर और कोठी पुल को लावारिस पशुओं ने अपना आरामगाह बना लिया है। पुलों पर लावारिस पशुओं के डेरा डाले रहने से जहां एक ओर यातायात व्यवस्था चरमरा रही है वहीं राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है।
हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। लावारिस मवेशी पुलों पर बैठने के अलावा यह मार्ग पर भी झुंड पर घूमते रहते हैं। इससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। रात होने पर पुल और मार्ग पर अंधेरा होने की वजह से कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। इस गंभीर समस्या का अभी तक कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है। अब तो लावारिस पशु हमलावर होने लगे हैं। राहगीरों पर इनके हमले किसी से छिपे नहीं हैं। जिले में लावारिस पशुओं की बढ़ती तादाद न केवल किसानों बल्कि लोगों के लिए भी परेशानी का सबब बन चुकी है। विकराल होती समस्या के प्रति भले ही प्रशासन का सुस्त रवैया लोगों की जान को खतरे में डालता हुआ प्रतीत हो रहा है। लोगों ने प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए।
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