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चिकित्सा विज्ञान में उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाना आवश्यक : डॉ. निधि

Sat, 16 Mar 2024 11:01 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Mar 2024 11:01 PM IST
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It is necessary to adopt advanced technology in medical science: Dr. Nidhi
-एम्स बिलासपुर में चैटजीपीटी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर में एनाटॉमी विभाग की ओर से चैटजीपीटी शोध लेखन और शिक्षाविदों के लिए एक परिवर्तनकारी उपकरण विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. निधि पुरी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में उन्नत प्रौद्योगिकी को एक नए उपकरण के रूप में अपनाना आवश्यक है। कार्यशाला का शुभारंभ एम्स बिलासपुर के कार्यकारी निदेशक डॉ. वीर सिंह नेगी और डीन अकादमिक डॉ. संजय विक्रांत ने किया।

कार्यशाला में सभी फैकल्टी सदस्यों को चैटजीपीटी की उपयोगिता और प्रायोगिकता के बारे में बताया गया। इस मौके पर डॉ. वीर सिंह नेगी ने कहा कि यह कार्यशाला एम्स बिलासपुर के संकाय एनाटॉमी विभाग को चिकित्सा शोध कार्य, शिक्षा में नवाचार और उत्कृष्टता में सबसे आगे रहने में सहायता करेगी। कहा कि आज के समय में उन्होंने इस कार्यशाला के आयोजन के लिए विभाग को बधाई दी और इसी प्रकार नई तकनीक के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। एनाटॉमी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. निधि पुरी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान में एक नए उपकरण के रूप में उन्नत प्रौद्योगिकी को अपनाना महत्वपूर्ण है। इसी कारण इस कार्यशाला को चिकित्सा अनुसंधान और शिक्षा में चैटजीपीटी की व्यापक समझ के साथ डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि चैटजीपीटी फैकल्टी सदस्यों के शोध कार्य में सहायता करेगा। इससे चिकित्सा जगत में भी नए शोध कार्यों को बढ़ावा मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना हैं। इसलिए चिकित्सकों को हमेशा नई तकनीक के साथ कार्य करना आवश्यक है। वर्तमान में चिकित्सा जगत में नए-नए शोध किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हो रहा है और लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। इसी उद्देश्य के साथ एम्स बिलासपुर भी निरंतर प्रयासरत है। इस कार्यशाला में आईआईटी रोपड से डॉ. नीरज गोयल ने रिसोर्स पर्सन के रूप में मुख्य भूमिका निभाई और चैटजीपीटी के बारे में विस्तार से समझाया। इसके अलावा डॉ. भाग्यश्री, डॉ. सचिन सोनी, डॉ. मोनाली हिवारकर और डॉ. सुशांत स्वरूप दास ने भी सभी फैकल्टी सदस्यों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इस मौके पर डॉ. संजय कुमार शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।
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