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Bilaspur News: प्रशिक्षण कार्यशाला में दी आरटीआई अधिनियम की जानकारी
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आरटीआई को प्रभावी ढंग से लागू करे सभी विभागों के अधिकारी : एडीसी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (आरटीआई) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बुधवार को जिला प्रशासन ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में जिला के विभिन्न विभागों के जन सूचना अधिकारी और सहायक जन सूचना अधिकारियों ने भाग लिया। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों से आरटीआई अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम सरकारी कार्यों, योजनाओं और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के दृष्टिगत लाया गया है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आज की कार्यशाला में आरटीआई अधिनियम के बारे में विशेषज्ञ द्वारा प्रदान की गई जानकारी का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के प्रश्नों और अन्य शंकाओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत नए दिशा-निर्देशों व न्यायालय के आदेशों के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई। उन्होंने सभी जन सूचना अधिकारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए इस अधिनियम की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के माध्यम से सरकार के कार्य में उतरदायित्व व पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। एसडीएम अभिषेक गर्ग ने कहा कि सूचना का अधिकार का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना और भ्रष्टाचार को खत्म करना है। यह अधिनियम नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने रिकॉर्ड सही ढंग से प्रबंधन करने को कहा ताकि लोगों को आरटीआई की सूचना शीघ्र दी जा सके। सहायक आयुक्त नरेंद्र कुमार अहलूवालिया ने कहा सूचना आम आदमी का अधिकार है। आवेदनकर्ता को निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध करवाए। आरटीआई ऑनलाइन, ऑफलाइन माध्यम से सूचना प्राप्त की जा सकती है। आरटीआई पोर्टल से ऑनलाइन माध्यम से सूचना प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए आरटीआई शुल्क का ऑनलाइन माध्यम से भुगतान होगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 (आरटीआई) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए बुधवार को जिला प्रशासन ने एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में जिला के विभिन्न विभागों के जन सूचना अधिकारी और सहायक जन सूचना अधिकारियों ने भाग लिया। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों से आरटीआई अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम सरकारी कार्यों, योजनाओं और सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के दृष्टिगत लाया गया है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से आज की कार्यशाला में आरटीआई अधिनियम के बारे में विशेषज्ञ द्वारा प्रदान की गई जानकारी का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के प्रश्नों और अन्य शंकाओं पर चर्चा की गई। कार्यशाला में सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के अंतर्गत नए दिशा-निर्देशों व न्यायालय के आदेशों के बारे में अधिकारियों को जानकारी दी गई। उन्होंने सभी जन सूचना अधिकारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए इस अधिनियम की बारीकियों के बारे में जानकारी दी। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के माध्यम से सरकार के कार्य में उतरदायित्व व पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। एसडीएम अभिषेक गर्ग ने कहा कि सूचना का अधिकार का मूल उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाने, सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना और भ्रष्टाचार को खत्म करना है। यह अधिनियम नागरिकों को सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए एक बड़ा कदम है। उन्होंने रिकॉर्ड सही ढंग से प्रबंधन करने को कहा ताकि लोगों को आरटीआई की सूचना शीघ्र दी जा सके। सहायक आयुक्त नरेंद्र कुमार अहलूवालिया ने कहा सूचना आम आदमी का अधिकार है। आवेदनकर्ता को निर्धारित समय के भीतर सूचना उपलब्ध करवाए। आरटीआई ऑनलाइन, ऑफलाइन माध्यम से सूचना प्राप्त की जा सकती है। आरटीआई पोर्टल से ऑनलाइन माध्यम से सूचना प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए आरटीआई शुल्क का ऑनलाइन माध्यम से भुगतान होगा।