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Bilaspur News: तीन दौर की जांच में छंटे अपात्र, अब 5349 परिवारों को मिलेगा आवास
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जिले की 175 पंचायतों में से 172 ने प्राथमिकता सूची की प्रक्रिया की पूरी
2,586 मामलों में मिली थी गड़बड़ी
अगले पांच साल में चरणबद्ध तरीके से मिलेंगे आवास
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। योजना के लिए 7,935 परिवारों का सर्वे किया गया। तीन स्तर पर हुई जांच के बाद 5,349 परिवार अंतिम रूप से पात्र पाए गए हैं। अब इन परिवारों की प्राथमिकता ग्राम सभा के माध्यम से तय की जा रही है। जिले की 175 पंचायतों में से 172 पंचायतों ने प्राथमिकता सूची की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शेष तीन पंचायतों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची केंद्र सरकार के पोर्टल पर अंतिम रूप से अपडेट की जाएगी। लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पंचायत स्तर से शुरू हुई। पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक समेत फील्ड स्टाफ को सर्वेयर की जिम्मेदारी दी गई। सर्वेयर ने लाभार्थियों के घर जाकर मौके पर सत्यापन किया। इस दौरान लाभार्थी की फोटो, ई-केवाईसी और मकान से संबंधित जानकारी दर्ज की गई। मकान पक्का है या कच्चा, कमरों की संख्या, आय समेत निर्धारित मानकों के आधार पर पात्रता की जांच की गई। इसके बाद दूसरे चरण में ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को चेकर के तौर पर लगाया गया। जेई, सुपरिंटेंडेंट, अकाउंटेंट और अन्य कर्मचारियों ने मौके पर जाकर सर्वेयर की रिपोर्ट का सत्यापन किया। चेकर ने भी अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की। इस तरह प्रत्येक परिवार के संबंध में सर्वेयर और चेकर की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार हुई। दोनों स्तर की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार के स्तर पर भी मामलों की जांच हुई। इसमें 2,586 परिवार ऐसे पाए गए, जिनकी सर्वेयर या चेकर की रिपोर्ट में अपात्रता सामने आई या दोनों रिपोर्टों में आपसी मिलान नहीं था। इसके बाद इन परिवारों का तीसरे स्तर पर दोबारा सत्यापन करवाया गया। संवाद
निष्पक्षता के लिए बदले गए कर्मचारी
तीसरे चरण की जांच में निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा गया। जिस कर्मचारी ने पहले किसी पंचायत में चेकर के तौर पर जांच की थी, उसे उसी पंचायत में दोबारा सत्यापन के लिए नहीं भेजा गया। दूसरे क्षेत्र के कर्मचारियों को इन पंचायतों में भेजकर पात्रता की दोबारा जांच करवाई गई। इस प्रक्रिया के बाद करीब 2200 परिवार अपात्र पाए गए और सूची से बाहर हो गए। तीन स्तर की जांच के बाद 5349 परिवार पात्र सूची में रह गए।
ग्राम सभा तय करेगी आवास की प्राथमिकता
5349 पात्र परिवारों की सूची अब ग्राम सभाओं के समक्ष रखी गई है। ग्राम सभा को नए लाभार्थियों को जोड़ने का अधिकार नहीं है। हालांकि, सूची में शामिल किसी परिवार के अपात्र होने की शिकायत मिलने पर ग्राम सभा स्तर पर जांच की जा सकती है। जांच में अपात्र पाए जाने पर नाम हटाया जा सकता है। लाभार्थियों की प्राथमिकता के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की अलग-अलग सूची तथा अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की संयुक्त सूची तैयार होगी। केंद्र से प्राप्त क्रम के बाद ग्राम सभा संबंधित श्रेणी में प्राथमिकता तय करेगी कि किस परिवार को पहले आवास का लाभ मिलना चाहिए।
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अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध मिलेगा लाभ
डीआरडीए बिलासपुर के यशपाल ने बताया कि ग्राम सभा से प्राथमिकता तय होने के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) तैयार होगी। 175 पंचायतों में से 172 पंचायतों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि तीन पंचायतों में कुछ प्रक्रिया शेष है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूचियां केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। अंतिम सूची के आधार पर पात्र परिवारों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।
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2,586 मामलों में मिली थी गड़बड़ी
अगले पांच साल में चरणबद्ध तरीके से मिलेंगे आवास
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में पात्र परिवारों के चयन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। योजना के लिए 7,935 परिवारों का सर्वे किया गया। तीन स्तर पर हुई जांच के बाद 5,349 परिवार अंतिम रूप से पात्र पाए गए हैं। अब इन परिवारों की प्राथमिकता ग्राम सभा के माध्यम से तय की जा रही है। जिले की 175 पंचायतों में से 172 पंचायतों ने प्राथमिकता सूची की प्रक्रिया पूरी कर ली है। शेष तीन पंचायतों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची केंद्र सरकार के पोर्टल पर अंतिम रूप से अपडेट की जाएगी। लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पंचायत स्तर से शुरू हुई। पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सेवक समेत फील्ड स्टाफ को सर्वेयर की जिम्मेदारी दी गई। सर्वेयर ने लाभार्थियों के घर जाकर मौके पर सत्यापन किया। इस दौरान लाभार्थी की फोटो, ई-केवाईसी और मकान से संबंधित जानकारी दर्ज की गई। मकान पक्का है या कच्चा, कमरों की संख्या, आय समेत निर्धारित मानकों के आधार पर पात्रता की जांच की गई। इसके बाद दूसरे चरण में ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को चेकर के तौर पर लगाया गया। जेई, सुपरिंटेंडेंट, अकाउंटेंट और अन्य कर्मचारियों ने मौके पर जाकर सर्वेयर की रिपोर्ट का सत्यापन किया। चेकर ने भी अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज की। इस तरह प्रत्येक परिवार के संबंध में सर्वेयर और चेकर की अलग-अलग रिपोर्ट तैयार हुई। दोनों स्तर की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार के स्तर पर भी मामलों की जांच हुई। इसमें 2,586 परिवार ऐसे पाए गए, जिनकी सर्वेयर या चेकर की रिपोर्ट में अपात्रता सामने आई या दोनों रिपोर्टों में आपसी मिलान नहीं था। इसके बाद इन परिवारों का तीसरे स्तर पर दोबारा सत्यापन करवाया गया। संवाद
निष्पक्षता के लिए बदले गए कर्मचारी
तीसरे चरण की जांच में निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा गया। जिस कर्मचारी ने पहले किसी पंचायत में चेकर के तौर पर जांच की थी, उसे उसी पंचायत में दोबारा सत्यापन के लिए नहीं भेजा गया। दूसरे क्षेत्र के कर्मचारियों को इन पंचायतों में भेजकर पात्रता की दोबारा जांच करवाई गई। इस प्रक्रिया के बाद करीब 2200 परिवार अपात्र पाए गए और सूची से बाहर हो गए। तीन स्तर की जांच के बाद 5349 परिवार पात्र सूची में रह गए।
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ग्राम सभा तय करेगी आवास की प्राथमिकता
5349 पात्र परिवारों की सूची अब ग्राम सभाओं के समक्ष रखी गई है। ग्राम सभा को नए लाभार्थियों को जोड़ने का अधिकार नहीं है। हालांकि, सूची में शामिल किसी परिवार के अपात्र होने की शिकायत मिलने पर ग्राम सभा स्तर पर जांच की जा सकती है। जांच में अपात्र पाए जाने पर नाम हटाया जा सकता है। लाभार्थियों की प्राथमिकता के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की अलग-अलग सूची तथा अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग की संयुक्त सूची तैयार होगी। केंद्र से प्राप्त क्रम के बाद ग्राम सभा संबंधित श्रेणी में प्राथमिकता तय करेगी कि किस परिवार को पहले आवास का लाभ मिलना चाहिए।
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अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध मिलेगा लाभ
डीआरडीए बिलासपुर के यशपाल ने बताया कि ग्राम सभा से प्राथमिकता तय होने के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची (पीडब्ल्यूएल) तैयार होगी। 175 पंचायतों में से 172 पंचायतों ने प्रक्रिया पूरी कर ली है, जबकि तीन पंचायतों में कुछ प्रक्रिया शेष है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूचियां केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। अंतिम सूची के आधार पर पात्र परिवारों को अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा।