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Bilaspur News: विद्यार्थियों को बताए रैगिंग के दुष्प्रभाव
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रैगिंग क्या है और क्या नहीं है इसमें अंतर समझाना जरूरी : रामकृष्ण
घुमारवीं कॉलेज में रैगिंग निषेध सप्ताह के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में रैगिंग निषेध सप्ताह के अंतर्गत महाविद्यालय में विद्यार्थियों को रैगिंग के प्रति जागरूक करने के लिए सेमिनार व कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सेमिनार में संयोजक डॉक्टर महेंद्र सिंह भाटिया ने रैगिंग की पृष्ठभूमि, रैगिंग का बदलता स्वरूप, रैगिंग के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान, हेल्पलाइन नंबर, रैगिंग से कैसे बचा जाए पर विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कॉलेज प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने कहा कि विद्यार्थियों को रैगिंग क्या है और क्या नहीं है इसमें अंतर करना आना चाहिए। ताकि वह रैगिंग के शिकार न हों। उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय परिसर में या परिसर के बाहर कोई विद्यार्थी रैगिंग का शिकार होते हैं तो वह उसकी शिकायत प्राचार्य के कार्यालय, महाविद्यालय की रैगिंग निषेध समिति के सदस्यों और अपने कक्षा के अध्यापक से बेझिझक कर सकते हैं। इस कार्यशाला में कनिका, वैष्णवी, भावना, पलक, दीक्षा शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए। सेमिनार के अंत में विद्यार्थियों को रैगिंग निषेध शपथ भी दिलवाई गई।
इस कार्यक्रम में रैगिंग निषेध सेमिनार आयोजन समिति के सदस्य प्रो. विवेक कुमार, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. हंसा देवी, डॉ. राकेश शर्मा, प्रो. पूजा देवी, प्रो. प्रियंका, प्रो. जीवेश नड्डा, प्रो.अरुण, प्रो. बोविंदर चंद कटोच विशेष रूप से उपस्थित रहे। सेमिनार में विभिन्न संकायों के 57 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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घुमारवीं कॉलेज में रैगिंग निषेध सप्ताह के अंतर्गत कार्यशाला का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वामी विवेकानंद राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में रैगिंग निषेध सप्ताह के अंतर्गत महाविद्यालय में विद्यार्थियों को रैगिंग के प्रति जागरूक करने के लिए सेमिनार व कार्यशाला का आयोजन किया गया।
सेमिनार में संयोजक डॉक्टर महेंद्र सिंह भाटिया ने रैगिंग की पृष्ठभूमि, रैगिंग का बदलता स्वरूप, रैगिंग के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान, हेल्पलाइन नंबर, रैगिंग से कैसे बचा जाए पर विस्तार से विद्यार्थियों को जानकारी दी। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कॉलेज प्राचार्य प्रो. रामकृष्ण ने कहा कि विद्यार्थियों को रैगिंग क्या है और क्या नहीं है इसमें अंतर करना आना चाहिए। ताकि वह रैगिंग के शिकार न हों। उन्होंने कहा कि यदि महाविद्यालय परिसर में या परिसर के बाहर कोई विद्यार्थी रैगिंग का शिकार होते हैं तो वह उसकी शिकायत प्राचार्य के कार्यालय, महाविद्यालय की रैगिंग निषेध समिति के सदस्यों और अपने कक्षा के अध्यापक से बेझिझक कर सकते हैं। इस कार्यशाला में कनिका, वैष्णवी, भावना, पलक, दीक्षा शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए। सेमिनार के अंत में विद्यार्थियों को रैगिंग निषेध शपथ भी दिलवाई गई।
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इस कार्यक्रम में रैगिंग निषेध सेमिनार आयोजन समिति के सदस्य प्रो. विवेक कुमार, डॉ. रीता कुमारी, डॉ. हंसा देवी, डॉ. राकेश शर्मा, प्रो. पूजा देवी, प्रो. प्रियंका, प्रो. जीवेश नड्डा, प्रो.अरुण, प्रो. बोविंदर चंद कटोच विशेष रूप से उपस्थित रहे। सेमिनार में विभिन्न संकायों के 57 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
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