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Bilaspur News: भूस्खलन के छह साल बाद फिर पहाड़ी से छेड़छाड़, ग्रामीण चिंतित

Fri, 04 Sep 2026 12:24 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:24 AM IST
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Hillside tampered with again six years after landslide; villagers concerned.
करयालग में सड़क किनारे निकाले जा रहे पत्थर। स्रोत: जागरूक पाठक
करयालग में सड़क किनारे चट्टानें तोड़कर ट्रैक्टरों में ले जाए जा रहे पत्थर, जांच की मांग उठाई
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भूस्खलन में तबाह हुई थी कई बीघा जमीन, मकान भी आए थे मलबे की चपेट में

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं के करयालग गांव में करीब छह साल पहले हुए भयावह भूस्खलन के जख्म अभी पूरी तरह भरे भी नहीं हैं कि सड़क किनारे पहाड़ी हिस्से में चट्टानों को तोड़कर पत्थर निकालने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सोहनी देवी सड़क के किनारे चट्टानों को तोड़कर पत्थर निकाले जा रहे हैं और इन्हें ट्रैक्टरों में भरकर ले जाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार करीब छह साल पहले करयालग में हुए भूस्खलन से कई बीघा जमीन प्रभावित हुई थी। कई मकान भी मलबे की चपेट में आ गए थे। भूस्खलन की घटना के बाद लंबे समय तक ग्रामीण दहशत में रहे थे। लोगों का कहना है कि क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील है और ऐसे में पहाड़ी हिस्से में चट्टानों को तोड़ने से बरसात के दौरान खतरा बढ़ सकता है।

क्षेत्र के राजेश, शुभम, कृष्ण, मनु, सोहनलाल सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि सड़क किनारे चट्टानें तोड़ने का काम किसकी अनुमति से किया जा रहा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि चट्टानों से निकाले जा रहे पत्थरों को ट्रैक्टरों में भरकर ले जाया जा रहा है। यदि यह कार्य किसी सरकारी निर्माण या विकास परियोजना के लिए किया जा रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में हुए भूस्खलन को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी तरह की खुदाई या चट्टानों से छेड़छाड़ से पहले सुरक्षा पहलुओं की जांच जरूरी है। बरसात के मौसम में मिट्टी और पहाड़ी की पकड़ कमजोर होने पर भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में बिना जांच के चट्टानों को तोड़ना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मौके का निरीक्षण करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चट्टानें तोड़ने का उद्देश्य, पत्थरों को ले जाने वाले ट्रैक्टरों की गतिविधि और संबंधित कार्य के लिए ली गई अनुमति की जांच होनी चाहिए। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। जिला खनन अधिकारी हरविंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि जल्द ही फील्ड स्टाफ को मौके पर भेजकर स्थिति की जांच करवाई जाएगी
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