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हाईकोर्ट ने परिवहन सहकारी सभा समिति के जनरल हाउस पर रोक
ब्यूरो/ बिलासपुर
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:06 AM IST
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supreme court
प्रदेश उच्च न्यायालय ने जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित परिवहन सहकारी सभा समिति खारसी सदर जिला बिलासपुर के एक मई को होने वाले जनरल हाउस पर रोक लगा दी है। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने श्याम लाल और अन्य सात प्रभावित याचिका कर्त्ताओं द्वारा दायर याचिका की प्रारंभिक सुनवाई के बाद यह आदेश जारी किए।
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याचिका में दिए तथ्यों के अनुसार जेपी उद्योग विस्थापित एवं प्रभावित परिवहन सहकारी सभा समिति का गठन पिछले वर्ष हुआ था। इसके 1032 सदस्य हैं। नौ जून 2015 को इसके चुनाव हुए थे। 18 जून को मोहिंद्र सिंह को सभा का अध्यक्ष चुना गया।
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लेकिन वह कोई भी बैठक आयोजित करने में नाकाम रहे। प्रार्थियों ने बैठक आयोजित करने के लिए कई बार नोटिस भी दिए। नोटिस के बाद नौ नवंबर 2015 को एक बार बैठक हुई। इसमें कोई भी काम का फैसला नहीं लिया गया।
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मजबूरन प्रार्थियों को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष के खिलाफ सात जनवरी 2016 को एक अविश्वास प्रस्ताव डालना पड़ा। वोटिंग के लिए इस प्रस्ताव को लेकर कोई बैठक नहीं हुई। प्रार्थियों के अनुसार एक मई को होने जा रहा जनरल हाउस नियमों के तहत आयोजित नहीं किया जा रहा है।
प्रार्थियाें के अनुसार हालांकि सोसाइटी की ओर से अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित बैठक को रजिस्ट्रार को-आपरेटिव सोसाइटी के समक्ष चुनौती दी गई थी। फिलहाल मामला सचिव को-आपरेटिव सोसाइटी के समक्ष लंबित है। इस कारण प्रार्थियों ने संस्था की होने वाली बैठक पर रोक लगाने और नियमों के तहत बैठक करवाने की मांग की है। मामले की सुनवाई नौ मई को होगी।