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Bilaspur News: हईकोर्ट ने दिलीप बिल्डकॉन को 56.62 लाख मुआवजा चुकाने के दिए आदेश

Sat, 20 Sep 2025 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sat, 20 Sep 2025 11:25 PM IST
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High Court orders Dilip Buildcon to pay Rs 56.62 lakh compensation
एक्सक्लूसिव
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अवैध मलबा डंपिंग पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया था 85.87 लाख का जुर्माना
कंपनी ने अब तक केवल 29.25 लाख ही किए हैं जमा, एक साल से नहीं भरी बाकी राशि

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान अवैध मलबा डंपिंग मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख दिखाया है। अदालत ने पाया कि कंपनी ने पर्यावरण मुआवजे की पूरी राशि जमा नहीं की है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और अगली तारीख तक कंपनी को जवाब देना ही होगा।

हिमाचल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 2 जनवरी 2025 के हलफनामे में बताया था कि दिलीप बिल्डकॉन पर अवैध मलबा डंपिंग के लिए 85,87,000 का जुर्माना लगाया गया। कंपनी ने 20 जुलाई 2024 को मात्र 29,25,000 जमा किए, जबकि 56,62,000 की शेष राशि अब तक बकाया है। 11 अगस्त 2025 को दाखिल कंपनी के हलफनामे में इस बकाया भुगतान का कोई जिक्र तक नहीं था। अदालत ने कहा कि जुर्माना तय होने के बाद भी एक साल से अधिक समय में शेष राशि न चुकाना लापरवाही है। कंपनी के वकील ने दलील दी कि मामला राज्य के मुख्य सचिव के समक्ष लंबित है और अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा। अदालत ने नाराजगी जताते हुए पूछा कि यह तथ्य पहले क्यों नहीं बताया गया। अदालत ने कंपनी को निर्देश दिया कि बकाया भुगतान में देरी का स्पष्ट कारण बताने के लिए पूरक हलफनामा दाखिल करें। अगली सुनवाई 30 अक्तूबर 2025 को निर्धारित की गई है। बताते चलें कि यह जनहित याचिका मदन लाल बनाम राज्य सरकार के रूप में दायर हुई थी, जिसमें कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान बड़े पैमाने पर अवैध मलबा डंपिंग से पर्यावरण को हुए नुकसान पर कार्रवाई की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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