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स्वारघाट में तीन स्थानों में 110 लोगों को किया क्वारंटीन
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स्वारघाट(बिलासपुर)। दूसरे राज्यों और जिलों से कोई बिलासपुर जिले और प्रदेश में प्रवेश न करे इसके लिए पंजाब के अलावा सोलन जिले के साथ लगते बॉर्डर को सील कर दिया गया है। अगर कोई पैदल रास्ते बिलासपुर पहुंचता है तो उसे होम क्वारंटीन 14 दिन के लिए किया जा रहा है। प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए जो लोग दूसरे राज्यों से परमिट लेकर पहुंच रहे हैं उनके सभी परमिट रद्द कर उन्हें भी 14 दिन के लिए यहां बने केंद्रों में क्वारंटीन किए जा रहे हैं। स्वारघाट में तीन स्थानों में 110 लोगों को किया क्वारंटीन किया गया है।
जिला बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट के साथ लगती पंजाब राज्य और जिला सोलन से सटी सभी सीमाएं रविवार से पूरी तरह सील कर दी गई हैं। उपमंडल स्वारघाट की पंजाब और सोलन की सीमाओं पर गरामौड़ा, स्वारघाट, टोबा, भाखडंा, ग्वालथाई, बैहल सहित कुल सात स्थानों पर नाके लगाए गए हैं जिन पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
इन नाकों पर 24 घंटे पुलिस टीमें तैनात हैं। सरकारी आदेशानुसार हिमाचल में अब लोग एक जिले से दूसरे जिले में भी नहीं जा पाएंगे। जो लोग सीमाओं पर राज्य में प्रवेश कर रहे हैं उन्हें क्वारंटीन केंद्रों में रखा जा रहा है। उनके लिए भोजन और ठहरने की भी उचित व्यवस्था की गई है। उपमंडल स्वारघाट में चार केंद्र बनाए गए हैं। एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्वारघाट, दूसरा राजकीय उच्च पाठशाला गरामौड़ा, तीसरा टोबा और चौथा जकातखाना में बनाया गया है। समाचार लिखे जाने तक स्वारघाट में 77, गरामौड़ा में 19 और टोबा में 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
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जबकि जकातखाना में बनाए गए केंद्रों को रिजर्व रखा गया है जिसे जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाया जाएगा। वहीं नालागढ़, बद्दी, बरोटीवाला और पंजाब या अन्य राज्यों से जो लोग परमिट लेकर आ रहे हैं उनके परमिट को भी रद्द कर दिया गया है और उन्हें भी यहीं रखा गया है। अब ऐसे कोई भी परमिट पुलिस नाकों पर मान्य नहीं होंगे। इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के अतिरिक्त किसी को भी हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि प्रशासन को जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। रविवार से हिमाचल की सीमाएं सील कर दी गई हैं और अन्य राज्यों से आ रहे लोगों के कर्फ्यू पास, परमिट आदि को रद्द कर दिया गया है। जो लोग पैदल या अपने वाहनों में सीमाओं पर पहुंच रहे हैं उन्हें प्रशासन की ओर से क्वारंटीन किया जा रहा है।
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जिला बिलासपुर के उपमंडल स्वारघाट के साथ लगती पंजाब राज्य और जिला सोलन से सटी सभी सीमाएं रविवार से पूरी तरह सील कर दी गई हैं। उपमंडल स्वारघाट की पंजाब और सोलन की सीमाओं पर गरामौड़ा, स्वारघाट, टोबा, भाखडंा, ग्वालथाई, बैहल सहित कुल सात स्थानों पर नाके लगाए गए हैं जिन पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
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इन नाकों पर 24 घंटे पुलिस टीमें तैनात हैं। सरकारी आदेशानुसार हिमाचल में अब लोग एक जिले से दूसरे जिले में भी नहीं जा पाएंगे। जो लोग सीमाओं पर राज्य में प्रवेश कर रहे हैं उन्हें क्वारंटीन केंद्रों में रखा जा रहा है। उनके लिए भोजन और ठहरने की भी उचित व्यवस्था की गई है। उपमंडल स्वारघाट में चार केंद्र बनाए गए हैं। एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्वारघाट, दूसरा राजकीय उच्च पाठशाला गरामौड़ा, तीसरा टोबा और चौथा जकातखाना में बनाया गया है। समाचार लिखे जाने तक स्वारघाट में 77, गरामौड़ा में 19 और टोबा में 14 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
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जबकि जकातखाना में बनाए गए केंद्रों को रिजर्व रखा गया है जिसे जरूरत पड़ने पर उपयोग में लाया जाएगा। वहीं नालागढ़, बद्दी, बरोटीवाला और पंजाब या अन्य राज्यों से जो लोग परमिट लेकर आ रहे हैं उनके परमिट को भी रद्द कर दिया गया है और उन्हें भी यहीं रखा गया है। अब ऐसे कोई भी परमिट पुलिस नाकों पर मान्य नहीं होंगे। इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं के अतिरिक्त किसी को भी हिमाचल की सीमाओं में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।
एसडीएम स्वारघाट सुभाष गौतम ने बताया कि प्रशासन को जनता का पूर्ण सहयोग मिल रहा है। रविवार से हिमाचल की सीमाएं सील कर दी गई हैं और अन्य राज्यों से आ रहे लोगों के कर्फ्यू पास, परमिट आदि को रद्द कर दिया गया है। जो लोग पैदल या अपने वाहनों में सीमाओं पर पहुंच रहे हैं उन्हें प्रशासन की ओर से क्वारंटीन किया जा रहा है।