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Bilaspur News: हरनोड़ा के बालक राम डोगरा को मिला राष्ट्रपति पुलिस पदक
Sun, 23 Nov 2025 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:50 PM IST
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उधमपुर में राष्ट्रपति पुलिस पदक प्राप्त करते हरनोड़ा के बालक राम डोगरा। स्रोत: जागरूक पाठक
आईटीबीपी में सहायक कमांडेंट के रूप में दे रहे सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में सहायक कमांडेंट के रूप में सेवाएं दे रहे हरनोड़ा गांव के बालक राम डोगरा को उनकी उत्कृष्ट व अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उधमपुर में आयोजित आईटीबीपी के 64वें स्थापना दिवस पर उन्हें यह सम्मान दिया गया।
बालक राम डोगरा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल हरनोड़ा से प्राप्त की और मैट्रिक की पढ़ाई सरकारी स्कूल सलापड़ से की। 1983-84 में वे अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर शुरू से ही एक मेधावी छात्र रहे। उन्होंने 38 वर्षों की लंबी सेवा अवधि में अपनी योग्यता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से कई उपलब्धियां हासिल कीं। सेवाकाल के दौरान उन्हें 25 प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें स्वतंत्रता की 50वीं और 75वीं वर्षगांठ के पुलिस पदक भी प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2020 में भारत के गृह मंत्री द्वारा उन्हें अति उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) में सहायक कमांडेंट के रूप में सेवाएं दे रहे हरनोड़ा गांव के बालक राम डोगरा को उनकी उत्कृष्ट व अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। उधमपुर में आयोजित आईटीबीपी के 64वें स्थापना दिवस पर उन्हें यह सम्मान दिया गया।
बालक राम डोगरा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल हरनोड़ा से प्राप्त की और मैट्रिक की पढ़ाई सरकारी स्कूल सलापड़ से की। 1983-84 में वे अपनी कक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर शुरू से ही एक मेधावी छात्र रहे। उन्होंने 38 वर्षों की लंबी सेवा अवधि में अपनी योग्यता, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से कई उपलब्धियां हासिल कीं। सेवाकाल के दौरान उन्हें 25 प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा उन्हें स्वतंत्रता की 50वीं और 75वीं वर्षगांठ के पुलिस पदक भी प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2020 में भारत के गृह मंत्री द्वारा उन्हें अति उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया था।
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