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Bilaspur News: बछड़ी योजना पर ब्रेक, सेक्स-सॉर्टेड सीमन टीके खत्म
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तीन माह पहले भेजी मांग, आपूर्ति नहीं होने से पशुपालक इंतजार में
दुग्ध उत्पादन और लावारिस पशुओं की समस्या से जुड़ी उम्मीदों को झटका
विभाग ने तीन माह पहले उच्च अधिकारियों को भेजी है मांग
अच्छी दुधारू नस्ल तैयार करने की उम्मीदों को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश में गायों से बछड़ी पैदा होने की संभावना बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की सेक्स-सॉर्टेड सीमन (विशेष टीके) योजना की रफ्तार फिलहाल थमती नजर आ रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और भविष्य में बेसहारा पशुओं की संख्या कम करने के लक्ष्य से शुरू की योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले विशेष टीके लंबे समय से पशुपालकों को नहीं मिल रहे हैं। इससे पशुपालकों में निराशा है और वे दोबारा आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
पशुपालन विभाग ने वर्ष 2022 में जर्सी, साहीवाल और होल्सटीन फ्रिसियन (एचएफ) नस्ल की गायों के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन की सुविधा शुरू की थी। बाद में इन विशेष टीकों की कीमत 1,150 से घटाकर 125 रुपये कर दी गई थी। इससे बड़ी संख्या में पशुपालकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद जगी थी। विभाग का दावा था कि इन टीकों के उपयोग से करीब 90 प्रतिशत मामलों में बछड़ी पैदा होने की संभावना रहती है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ भविष्य में बेसहारा बैलों की संख्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।
इस समय प्रदेश के अधिकतर पशु अस्पतालों और पशु औषधालयों में विशेष टीके उपलब्ध नहीं हैं। टीकों के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे पशुपालकों को फिलहाल इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। समय पर टीके नहीं मिलने से कृत्रिम गर्भाधान की योजना भी प्रभावित हो रही है। पशुपालकों का कहना है कि सरकार ने इस योजना से बड़ी उम्मीदें जगाई थीं। सस्ती दर पर विशेष टीके उपलब्ध होने से वे बेहतर नस्ल की दुधारू गाय तैयार करना चाहते थे, लेकिन लंबे समय से आपूर्ति बंद रहने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी है। उन्होंने विभाग से जल्द पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि योजना का लाभ फिर से मिल सके।
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तीन माह पहले भेजी मांग
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त उपनिदेशक डॉ. केएल शर्मा ने बताया कि करीब तीन माह पहले विशेष टीकों की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अभी तक आपूर्ति नहीं हुई है। जैसे ही टीके उपलब्ध होंगे, उन्हें पशुपालकों की मांग के अनुसार वितरित कर दिया जाएगा।
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दुग्ध उत्पादन और लावारिस पशुओं की समस्या से जुड़ी उम्मीदों को झटका
विभाग ने तीन माह पहले उच्च अधिकारियों को भेजी है मांग
अच्छी दुधारू नस्ल तैयार करने की उम्मीदों को झटका
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश में गायों से बछड़ी पैदा होने की संभावना बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की सेक्स-सॉर्टेड सीमन (विशेष टीके) योजना की रफ्तार फिलहाल थमती नजर आ रही है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और भविष्य में बेसहारा पशुओं की संख्या कम करने के लक्ष्य से शुरू की योजना के तहत उपलब्ध कराए जाने वाले विशेष टीके लंबे समय से पशुपालकों को नहीं मिल रहे हैं। इससे पशुपालकों में निराशा है और वे दोबारा आपूर्ति शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
पशुपालन विभाग ने वर्ष 2022 में जर्सी, साहीवाल और होल्सटीन फ्रिसियन (एचएफ) नस्ल की गायों के लिए सेक्स-सॉर्टेड सीमन की सुविधा शुरू की थी। बाद में इन विशेष टीकों की कीमत 1,150 से घटाकर 125 रुपये कर दी गई थी। इससे बड़ी संख्या में पशुपालकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद जगी थी। विभाग का दावा था कि इन टीकों के उपयोग से करीब 90 प्रतिशत मामलों में बछड़ी पैदा होने की संभावना रहती है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ भविष्य में बेसहारा बैलों की संख्या कम करने में भी मदद मिल सकती है।
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इस समय प्रदेश के अधिकतर पशु अस्पतालों और पशु औषधालयों में विशेष टीके उपलब्ध नहीं हैं। टीकों के बारे में जानकारी लेने पहुंच रहे पशुपालकों को फिलहाल इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। समय पर टीके नहीं मिलने से कृत्रिम गर्भाधान की योजना भी प्रभावित हो रही है। पशुपालकों का कहना है कि सरकार ने इस योजना से बड़ी उम्मीदें जगाई थीं। सस्ती दर पर विशेष टीके उपलब्ध होने से वे बेहतर नस्ल की दुधारू गाय तैयार करना चाहते थे, लेकिन लंबे समय से आपूर्ति बंद रहने के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी है। उन्होंने विभाग से जल्द पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि योजना का लाभ फिर से मिल सके।
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तीन माह पहले भेजी मांग
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त उपनिदेशक डॉ. केएल शर्मा ने बताया कि करीब तीन माह पहले विशेष टीकों की मांग उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अभी तक आपूर्ति नहीं हुई है। जैसे ही टीके उपलब्ध होंगे, उन्हें पशुपालकों की मांग के अनुसार वितरित कर दिया जाएगा।