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सरकार ने भत्तों और बकाया भुगतान की अधिसूचना कर किया भद्दा मजाक : चेतराम
Tue, 05 Mar 2024 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Tue, 05 Mar 2024 11:20 PM IST
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- कहा, एक मुश्त की जाए अदायगी अन्यथा पेंशनर सड़कों पर उतरने को होंगे मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के महामंत्री चेतराम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के साथ सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले बकाया भुगतान और महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी करके भद्दा मजाक किया है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, वे अपना हक मांग रहे हैं। सरकार के पास हर सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया भुगतान कम से कम तीन लाख से 30 लाख तक लंबित है। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, 500 रुपये और ज्यादा से तीन हजार रुपये का भुगतान हर माह करेगी, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। यह राशि कुल जमा राशि पर ब्याज से भी कम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी बहुत से गुटों में बंटे होने के कारण सरकार इसका फायदा उठा रही है। जब तक प्रदेश पेंशनर और कर्मचारियों की गुटबाजी खत्म नहीं होती है। तब तक सरकार पेंशनरों और कर्मचारियों का शोषण करती रहेगी, इसलिए सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए एक मंच पर आना जरूरी है। उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश सरकार बकाया राशि का एक मुश्त अदायगी करना सुनिश्चित करें अन्यथा प्रदेश के पेंशनर सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
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बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के महामंत्री चेतराम ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पेंशनरों के साथ सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले बकाया भुगतान और महंगाई भत्ते की अधिसूचना जारी करके भद्दा मजाक किया है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स कोई भीख नहीं मांग रहे हैं, वे अपना हक मांग रहे हैं। सरकार के पास हर सेवानिवृत्त कर्मचारी का बकाया भुगतान कम से कम तीन लाख से 30 लाख तक लंबित है। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक, 500 रुपये और ज्यादा से तीन हजार रुपये का भुगतान हर माह करेगी, जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। यह राशि कुल जमा राशि पर ब्याज से भी कम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी बहुत से गुटों में बंटे होने के कारण सरकार इसका फायदा उठा रही है। जब तक प्रदेश पेंशनर और कर्मचारियों की गुटबाजी खत्म नहीं होती है। तब तक सरकार पेंशनरों और कर्मचारियों का शोषण करती रहेगी, इसलिए सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए एक मंच पर आना जरूरी है। उन्होंने मांग उठाई कि प्रदेश सरकार बकाया राशि का एक मुश्त अदायगी करना सुनिश्चित करें अन्यथा प्रदेश के पेंशनर सरकार के विरुद्ध सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।