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Bilaspur News: पांच साल में भी जमीन पर नहीं उतरा घुमारवीं का औद्योगिक क्षेत्र

Fri, 25 Sep 2026 01:02 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:02 AM IST
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Ghumarwin's industrial zone has failed to get off the ground even after five years.
अभिषेक।
भदरोग औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिसूचित,12 करोड़ के बुनियादी ढांचे का इंतजार
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए प्रस्तावित भदरोग औद्योगिक क्षेत्र पांच साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाया है। वर्ष 2020 से इस पर काम चल रहा है। वर्ष 2023 से प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिसूचित हो चुकी है, लेकिन अब तक बुनियादी ढांचा विकसित नहीं हुआ है। करीब 12 करोड़ रुपये से सड़क, बिजली, पानी, अपशिष्ट जल प्रबंधन और लॉजिस्टिक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
ग्राम पंचायत सेऊ के भदरोग में औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से स्थानीय युवाओं को घर के पास रोजगार मिलने की उम्मीद थी। सरकार की ओर से यहां उद्योगों का समूह विकसित कर घुमारवीं को औद्योगिक हब बनाने की बात कही गई थी। इस साल गणतंत्र दिवस समारोह में उद्योग मंत्री ने भूमि अधिसूचित होने की जानकारी दी थी। इसके बाद तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने क्षेत्र के दौरे के दौरान जल्द विकास की बात कही और बुनियादी ढांचे पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च करने की जानकारी दी थी। हालांकि, अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। उद्योग स्थापित नहीं होने के कारण घुमारवीं के युवाओं को रोजगार के लिए बद्दी और नालागढ़ जाना पड़ रहा है। वहां करीब 15 हजार रुपये तक मासिक वेतन मिलता है, लेकिन कमरे का किराया, खाना और आने-जाने का खर्च निकालने के बाद बचत कम रह जाती है। स्थानीय युवाओं का कहना है कि क्षेत्र में ही उद्योग लगें तो उन्हें परिवार से दूर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा। भूमि अधिसूचित होने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर बुनियादी ढांचे के काम पर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि घोषणा के बजाय अब जमीन पर काम शुरू होना चाहिए। सड़क, बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं विकसित होने के बाद ही औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ होगा।
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15 हजार की नौकरी में खर्च ही खर्च
युवा अभिषेक ने बताया कि रोजगार के लिए बद्दी जाना पड़ता है। करीब 15 हजार रुपये वेतन मिलता है, लेकिन किराया, खाना और आने-जाने के खर्च के बाद ज्यादा बचत नहीं होती।
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उद्योग होंगे तो युवा रुकेंगे
मदन लाल ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने जरूरी हैं। भदरोग औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने से आसपास के युवाओं को बाहर जाने से राहत मिल सकती है।
अब घोषणा नहीं, काम का इंतजार
अमित कुमार ने कहा कि भदरोग में औद्योगिक क्षेत्र बनने की बात कई साल से सुन रहे हैं। भूमि अधिसूचित होने के बाद अब बुनियादी सुविधाओं का काम शुरू होने का इंतजार है।

घर के पास मिले काम
अक्षय शर्मा ने कहा कि बाहर नौकरी करने पर वेतन का बड़ा हिस्सा रहने और खाने में खर्च हो जाता है। घुमारवीं में उद्योग लगने से युवाओं को घर के पास काम मिलेगा और स्थानीय बाजार को भी फायदा होगा।

अभिषेक।

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अभिषेक।

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अभिषेक।

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