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Bilaspur News: आशियाने की आस में नगर परिषद घुमारवीं के सफाई कर्मचारी
Thu, 15 Oct 2026 12:32 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:32 AM IST
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40 से अधिक कर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था नहीं
नगर परिषद में कईं बार उठ चुका है आवासीय कॉलोनी का मुद्दा
मेला मैदान के पास बने शेड कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले कम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाने वाले नगर परिषद घुमारवीं के सफाई कर्मचारी करीब 25 वर्षों से स्थायी आवास की सुविधा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले इन कर्मचारियों के पास रहने के लिए पर्याप्त और स्थायी ठिकाना नहीं है। इनमें अधिकतर कर्मचारी प्रवासी हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें किराये पर कमरा लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में परिवार के साथ रहने के लिए उचित जगह की व्यवस्था करना चुनौती बना हुआ है। नगर परिषद के गठन के बाद से कर्मचारी शहर में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी उनके लिए आवासीय कॉलोनी विकसित नहीं हो पाई है। नगर परिषद की पिछली कार्यकारिणी ने सफाई कर्मचारियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा था। इससे कर्मचारियों को वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
नगर परिषद ने मेला मैदान के पास कर्मचारियों के रहने के लिए पांच-छह शेड बनाए हैं, लेकिन 40 से अधिक कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था नाकाफी है। सीमित शेड के कारण सभी कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था करना मुश्किल है और कुछ को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ते हैं।
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आवास की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इन वर्षों में कई कर्मचारियों के बच्चे बड़े हो गए और उनकी शादियां भी हो चुकी हैं, लेकिन परिवारों के साथ रहने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत अब भी बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके लिए उचित आवास की व्यवस्था करना भी जरूरी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मचारियों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
कोटसफाई कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने को उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल उनके रहने के लिए अस्थायी शेड बनाए गए हैं। जमीन उपलब्ध होते ही आवासीय सुविधा के लिए कदम उठाए जाएंगे। अमित कुमार, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं
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नगर परिषद में कईं बार उठ चुका है आवासीय कॉलोनी का मुद्दा
मेला मैदान के पास बने शेड कर्मचारियों की संख्या के मुकाबले कम
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। शहर को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाने वाले नगर परिषद घुमारवीं के सफाई कर्मचारी करीब 25 वर्षों से स्थायी आवास की सुविधा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले इन कर्मचारियों के पास रहने के लिए पर्याप्त और स्थायी ठिकाना नहीं है। इनमें अधिकतर कर्मचारी प्रवासी हैं।
कर्मचारियों के अनुसार, उन्हें किराये पर कमरा लेने में भी परेशानी होती है। ऐसे में परिवार के साथ रहने के लिए उचित जगह की व्यवस्था करना चुनौती बना हुआ है। नगर परिषद के गठन के बाद से कर्मचारी शहर में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इतने लंबे समय बाद भी उनके लिए आवासीय कॉलोनी विकसित नहीं हो पाई है। नगर परिषद की पिछली कार्यकारिणी ने सफाई कर्मचारियों को आवासीय सुविधा उपलब्ध करवाने का प्रस्ताव रखा था। इससे कर्मचारियों को वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की उम्मीद जगी थी, लेकिन दो वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी योजना पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
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नगर परिषद ने मेला मैदान के पास कर्मचारियों के रहने के लिए पांच-छह शेड बनाए हैं, लेकिन 40 से अधिक कर्मचारियों के लिए यह व्यवस्था नाकाफी है। सीमित शेड के कारण सभी कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था करना मुश्किल है और कुछ को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ते हैं।
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आवास की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। इन वर्षों में कई कर्मचारियों के बच्चे बड़े हो गए और उनकी शादियां भी हो चुकी हैं, लेकिन परिवारों के साथ रहने के लिए पर्याप्त जगह की जरूरत अब भी बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके लिए उचित आवास की व्यवस्था करना भी जरूरी है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को साफ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन कर्मचारियों की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
कोटसफाई कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी बनाने को उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है। फिलहाल उनके रहने के लिए अस्थायी शेड बनाए गए हैं। जमीन उपलब्ध होते ही आवासीय सुविधा के लिए कदम उठाए जाएंगे। अमित कुमार, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं