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Bilaspur News: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में घुमारवीं के कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 15 से 19 दिसंबर तक नटराज सांस्कृतिक कला मंच घुमारवीं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह महोत्सव 24 दिसंबर को संपन्न होगा।
कुरुक्षेत्र के ब्रह्म सरोबर के विभिन्न घाटों पर रोजाना देश भर के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोकसंस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं। मंच के प्रबंधक रामलाल पाठक ने बताया कि इस क्रम में नटराज सांस्कृतिक कला मंच घुमारवीं के कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना फूलां चंदेल के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल 14 दिसंबर को घुमारवीं से रवाना हुआ था। मंच के कलाकारों ने सरोबर के अनसुइया और द्रोपदी घाट में प्रतिदिन दो-दो कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिदिन देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अनेक प्रकार के करतब दिखाए। सभी प्रदेशों के कलाकारों ने प्रतिदिन चार-चार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों से लोगों के देशभर के लोक-कलाकारों से रूबरू होने का अवसर मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण को गीता का ज्ञान दिया था। इसलिए इस स्थान में प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता जयंती मनाई जाती है।
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घुमारवीं (बिलासपुर)। कुरुक्षेत्र में चल रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में 15 से 19 दिसंबर तक नटराज सांस्कृतिक कला मंच घुमारवीं के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति देकर लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह महोत्सव 24 दिसंबर को संपन्न होगा।
कुरुक्षेत्र के ब्रह्म सरोबर के विभिन्न घाटों पर रोजाना देश भर के कलाकार अपने-अपने प्रदेशों की लोकसंस्कृति की छटा बिखेर रहे हैं। मंच के प्रबंधक रामलाल पाठक ने बताया कि इस क्रम में नटराज सांस्कृतिक कला मंच घुमारवीं के कलाकारों ने अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना फूलां चंदेल के नेतृत्व में 15 सदस्यीय दल 14 दिसंबर को घुमारवीं से रवाना हुआ था। मंच के कलाकारों ने सरोबर के अनसुइया और द्रोपदी घाट में प्रतिदिन दो-दो कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिदिन देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने अनेक प्रकार के करतब दिखाए। सभी प्रदेशों के कलाकारों ने प्रतिदिन चार-चार प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों से लोगों के देशभर के लोक-कलाकारों से रूबरू होने का अवसर मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण को गीता का ज्ञान दिया था। इसलिए इस स्थान में प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता जयंती मनाई जाती है।
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