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फर्जी आईआरडीपी सर्टिफिकेट से लगवाई नौकरी, अब दी जा रही धमकी
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भराड़ी (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत जेजवीं के पूर्व प्रधान पर साल 2006 में फर्जी आईआरडीपी सर्टिफिकेट लगाकर अपने बेटेे को नौकरी लगवाने के आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत विजिलेंस में दर्ज करवाई है, लेकिन अब मौजूदा प्रधान पर शिकायत वापस लेने और शिकायतकर्ता को धमकाने के आरोप लग रहे हैं। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत विजिलेंस में कर दी है।
एक तरफ फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के मामले की विजिलेंस जांच जारी है वहीं शिकायतकर्ता ने जान को खतरा जताते हुए शनिवार को डीएसपी विजिलेंस बिलासपुर के पास फैक्स के माध्यम से शिकायत भेज दी है। बीती दस जून को जेजवीं गांव के कृष्ण लाल ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि वर्ष 2006 में उसके परिवार रजिस्टर पर तत्कालीन प्रधान ने अपने बेटे का नाम जोड़कर उसकी शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अकेला है और वर्ष 2006 में पंचायत के परिवार रजिस्टर में अकेला ही पंजीकृत है। तत्कालीन प्रधान ने घर आकर कहा कि उसके मकान के लिए पैसा मंजूर होना है। इसके चलते प्रधान ने कुछ कागजों पर अंगूठा लगवाया। बीती 8 जून को जब उसने पंचायत से अपने परिवार की नकल ली तो उसमें कुछ कटिंग हुई थी। जब इस बारे में छानबीन की तो पता चला कि वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रधान ने अपने बेटे का नाम पंचायत रिकॉर्ड में उसके साथ जोड़ दिया था। आईआरडीपी प्रमाण पत्र लेने के बाद प्रधान के बेटे ने शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी। कृष्ण राम के अनुसार उसके परिवार रजिस्टर में तत्कालीन प्रधान ने जालसाजी करके अपने बेटे का नाम उसके परिवार की नकल में जोड़ा। ताकि उसके बेटे को सरकारी नौकरी का लाभ मिल सके।
इस बारे में 10 जून को विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अब केस वापस लेने की सूरत में अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। कृष्ण राम ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रधान पूर्व प्रधान को बचाने के लिए दबाव बना रही है। इस मामले को लेकर अब डीएसपी विजिलेंस के पास शिकायत पहुंच गई है।
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डीएसपी विजिलेंस बिलासपुर संजय ने बताया कि कृष्ण राम की शिकायत पर पंचायत से रिकॉर्ड मंगवाया गया है। अब जो शिकायत दबाव बनाने की भेजी गई है वह अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने के बाद छानबीन की जाएगी।
वहीं जेजवीं की पंचायत प्रधान रीना पुंडीर ने बताया कि किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया है। आरोप निराधार हैं।
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एक तरफ फर्जी तरीके से नौकरी हासिल करने के मामले की विजिलेंस जांच जारी है वहीं शिकायतकर्ता ने जान को खतरा जताते हुए शनिवार को डीएसपी विजिलेंस बिलासपुर के पास फैक्स के माध्यम से शिकायत भेज दी है। बीती दस जून को जेजवीं गांव के कृष्ण लाल ने विजिलेंस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि वर्ष 2006 में उसके परिवार रजिस्टर पर तत्कालीन प्रधान ने अपने बेटे का नाम जोड़कर उसकी शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार वह अकेला है और वर्ष 2006 में पंचायत के परिवार रजिस्टर में अकेला ही पंजीकृत है। तत्कालीन प्रधान ने घर आकर कहा कि उसके मकान के लिए पैसा मंजूर होना है। इसके चलते प्रधान ने कुछ कागजों पर अंगूठा लगवाया। बीती 8 जून को जब उसने पंचायत से अपने परिवार की नकल ली तो उसमें कुछ कटिंग हुई थी। जब इस बारे में छानबीन की तो पता चला कि वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रधान ने अपने बेटे का नाम पंचायत रिकॉर्ड में उसके साथ जोड़ दिया था। आईआरडीपी प्रमाण पत्र लेने के बाद प्रधान के बेटे ने शिक्षा विभाग में नौकरी हासिल की थी। कृष्ण राम के अनुसार उसके परिवार रजिस्टर में तत्कालीन प्रधान ने जालसाजी करके अपने बेटे का नाम उसके परिवार की नकल में जोड़ा। ताकि उसके बेटे को सरकारी नौकरी का लाभ मिल सके।
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इस बारे में 10 जून को विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अब केस वापस लेने की सूरत में अंजाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। कृष्ण राम ने आरोप लगाया कि मौजूदा प्रधान पूर्व प्रधान को बचाने के लिए दबाव बना रही है। इस मामले को लेकर अब डीएसपी विजिलेंस के पास शिकायत पहुंच गई है।
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डीएसपी विजिलेंस बिलासपुर संजय ने बताया कि कृष्ण राम की शिकायत पर पंचायत से रिकॉर्ड मंगवाया गया है। अब जो शिकायत दबाव बनाने की भेजी गई है वह अभी तक उनके पास नहीं पहुंची है। शिकायत मिलने के बाद छानबीन की जाएगी।
वहीं जेजवीं की पंचायत प्रधान रीना पुंडीर ने बताया कि किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया है। आरोप निराधार हैं।