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Bilaspur News: बड़े बाजारों में सप्ताह में दो से तीन दिन उठेगा कचरा

Fri, 25 Sep 2026 01:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:00 AM IST
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Garbage will be collected two to three days a week in major markets.
घागस-कंदरौर समेत बड़े बाजार क्षेत्रों में बढ़ेगी कलेक्शन की फ्रीक्वेंसी, दूरदराज पंचायतों में ऑन डिमांड पहुंचेगा वाहन
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ऑन डिमांड पहुंचेगी गाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरा संग्रहण की व्यवस्था अब कचरे की मात्रा और जरूरत के आधार पर तय की जाएगी। घागस, कंदरौर और बरठीं समेत बड़े बाजारों में सप्ताह में दो से तीन दिन कचरा उठाया जाएगा। वहीं, दूरदराज पंचायतों में पांच से सात बोरियां जमा होने पर मांग के अनुसार वाहन भेजा जाएगा। बड़े बाजारों में व्यापार मंडलों के साथ समन्वय कर वैकल्पिक दिनों में डोर-टू-डोर कलेक्शन की योजना है। यहां दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के कारण प्लास्टिक कचरा अधिक निकलता है। पंचायत स्तर पर फिलहाल प्रत्येक पंचायत से महीने में कम से कम एक बार कचरा उठाया जा रहा है। घरों से एकत्रित कचरा पंचायत में निर्धारित स्थान पर रखा जाता है और फिर वाहन से आगे भेजा जाता है। दूरदराज पंचायतों में कम मात्रा में कचरा निकलने के कारण बार-बार वाहन भेजना व्यावहारिक नहीं है। कोटधार जैसे क्षेत्रों में कई बार दो-तीन बोरियां ही जमा होती हैं। ऐसे में पांच से सात बोरियां होने पर पंचायत वाहन की मांग कर सकेगी। रूट के अनुसार वाहन पहुंचकर कचरा उठाएगा।
13 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित
डोर-टू-डोर कलेक्शन से अब तक करीब 13 टन प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया जा चुका है। इसमें से तीन से चार टन एसीसी बरमाणा भेजा गया है। शिमला स्तर पर एसीसी बरमाणा के साथ हुए एमओयू के तहत प्लास्टिक का निस्तारण किया जा रहा है। प्लास्टिक को सीधे एसीसी नहीं भेजा जाता। सुन्हाणी, हटवाड़, बैहल और नौणी स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों में पहले इसकी श्रेडिंग होती है। नीलामी से चयनित वेंडर यह काम करता है, जिसके लिए उसे निर्धारित भुगतान किया जाता है। श्रेडिंग के बाद प्लास्टिक एसीसी बरमाणा भेजा जाता है, जहां उच्च तापमान वाली भट्टियों में इसका उपयोग किया जाता है।
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कोट
क्षेत्र की जरूरत के अनुसार कचरा संग्रहण की व्यवस्था को बेहतर किया जा रहा है। बड़े बाजारों में कलेक्शन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा रही है, जबकि दूरदराज क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा जमा होने पर वाहन भेजा जाएगा। एकत्रित प्लास्टिक का निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारण किया जा रहा है।
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-यशपाल, डीआरडीए,बिलासपुर
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