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Bilaspur News: बरसात में हुए भूस्खलन के बीच रहने का मजबूर जोहड़ सुंदरी गांव के चार परिवार
Wed, 22 Oct 2025 11:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 22 Oct 2025 11:55 PM IST
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कोटधार क्षेत्र के जोहड़ सुंदरी गांव में हुआ भूस्खलन। संवाद
मकानों में गहरी दरारें, रास्ते ध्वस्त, बारिश हुई तो कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
फिर से बारिश हुई तो बना हुआ है मकानों के गिरने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के कोटधार क्षेत्र के जोहड़ सुंदरी गांव में बरसात में चार परिवार भूस्खलन की चपेट में आने के बाद खतरे के साये में जीवन बीता रहे हैं। अगस्त में मकानों में दरारें पड़नी शुरू हुई थीं, जबकि 1 से 3 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान दरारें गहरी हो जाने से खतरा और बढ़ गया है।
लगातार जमीन धंसने से इन परिवारों के दोनों तरफ के रास्ते ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे आवाजाही भी बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में हुई भारी बारिश से खेतों की मिट्टी भी खिसक गई है और फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों में सूबेदार मस्त राम, ठाकरु राम, सरवन कुमार और बिशन दास शामिल हैं। मस्त राम ने बताया कि उनके मकान और पशुशालाएं अब दरारों से भर चुके हैं। हमारी जमीन घरों के ऊपर की ओर है और वहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। अगर फिर से बारिश हुई तो मकान कभी भी ढह सकते हैं। बताया कि स्थिति की जानकारी प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। न तो राहत सामग्री उपलब्ध करवाई गई है और न ही किसी प्रकार की अस्थायी सुरक्षा दी गई है। प्रभावित परिवार खुले में रहने को मजबूर हैं और हर पल किसी बड़ी अनहोनी का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हालात का सर्वे करवाकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी संभावित त्रासदी से पहले नुकसान को रोका जा सके।
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फिर से बारिश हुई तो बना हुआ है मकानों के गिरने का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। उपमंडल झंडूता के कोटधार क्षेत्र के जोहड़ सुंदरी गांव में बरसात में चार परिवार भूस्खलन की चपेट में आने के बाद खतरे के साये में जीवन बीता रहे हैं। अगस्त में मकानों में दरारें पड़नी शुरू हुई थीं, जबकि 1 से 3 सितंबर तक हुई मूसलाधार बारिश के दौरान दरारें गहरी हो जाने से खतरा और बढ़ गया है।
लगातार जमीन धंसने से इन परिवारों के दोनों तरफ के रास्ते ध्वस्त हो चुके हैं, जिससे आवाजाही भी बाधित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात में हुई भारी बारिश से खेतों की मिट्टी भी खिसक गई है और फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित परिवारों में सूबेदार मस्त राम, ठाकरु राम, सरवन कुमार और बिशन दास शामिल हैं। मस्त राम ने बताया कि उनके मकान और पशुशालाएं अब दरारों से भर चुके हैं। हमारी जमीन घरों के ऊपर की ओर है और वहां लगातार भूस्खलन हो रहा है। अगर फिर से बारिश हुई तो मकान कभी भी ढह सकते हैं। बताया कि स्थिति की जानकारी प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। न तो राहत सामग्री उपलब्ध करवाई गई है और न ही किसी प्रकार की अस्थायी सुरक्षा दी गई है। प्रभावित परिवार खुले में रहने को मजबूर हैं और हर पल किसी बड़ी अनहोनी का डर बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द हालात का सर्वे करवाकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की व्यवस्था की जाए, ताकि किसी भी संभावित त्रासदी से पहले नुकसान को रोका जा सके।
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