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Bilaspur News: सीर खड्ड पर जीप योग्य पुल का शिलान्यास, टेंडर प्रक्रिया जारी
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दो साल में लोक निर्माण विभाग बनाकर तैयार करेगा निर्माण
पुल बनने से ग्रामीणों को सात किमी लंबे रास्ते से मिलेगी राहत
ग्राम पंचायत पनौल की डाहड–जम्मन सड़क से जुड़ेगा करंगोड़ा गांव
3.50 करोड़ की लागत से बनेगा 64 मीटर लंबा जीप योग्य पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़ी मझेड़वां में विकास को नई गति मिलने जा रही है। सीर खड्ड पर प्रस्तावित करीब 64 मीटर लंबे जीप योग्य पुल का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 3.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया जारी है और औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
निर्धारित योजना के अनुसार पुल लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार होगा। इस पुल के निर्माण से करंगोड़ा गांव को सीधे ग्राम पंचायत पनौल की डाहड–जम्मन सड़क से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को पनौल पहुंचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल बन जाने से क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा और ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़क नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यह परियोजना विशेष रूप से किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। बाड़ी मझेडवां पंचायत के अनेक किसानों की आधी से अधिक कृषि भूमि पनौल क्षेत्र में स्थित है, जबकि पनौल और अमरपुर पंचायतों के लोगों की कृषि भूमि बाड़ी मझेडवां में पड़ती है। पुल न होने के कारण किसानों को खेती बाड़ी, फसल ढुलाई और कृषि उपकरण ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब तक सीर खड्ड पर पुल के अभाव में लोगों को अपनी ही जमीनों तक पहुंचने के लिए 6 से 7 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी होता था। बरसात के मौसम में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता था, जिससे ग्रामीणों का संपर्क कई बार टूट जाता था।
पुल के निर्माण से कार, जीप जैसे हल्के वाहनों की आवाजाही संभव हो सकेगी, जिससे न केवल खेतीबाड़ी बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थितियों में भी सुविधा मिलेगी। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की पहुंच आसान होने से ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। वर्षों से चली आ रही क्षेत्रवासियों की मांग अब पूरी होने जा रही है। पुल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगा और ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाएगा।
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पुल बनने से ग्रामीणों को सात किमी लंबे रास्ते से मिलेगी राहत
ग्राम पंचायत पनौल की डाहड–जम्मन सड़क से जुड़ेगा करंगोड़ा गांव
3.50 करोड़ की लागत से बनेगा 64 मीटर लंबा जीप योग्य पुल
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाड़ी मझेड़वां में विकास को नई गति मिलने जा रही है। सीर खड्ड पर प्रस्तावित करीब 64 मीटर लंबे जीप योग्य पुल का मुख्यमंत्री ने शिलान्यास कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 3.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया जारी है और औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
निर्धारित योजना के अनुसार पुल लगभग दो वर्ष में बनकर तैयार होगा। इस पुल के निर्माण से करंगोड़ा गांव को सीधे ग्राम पंचायत पनौल की डाहड–जम्मन सड़क से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में इस क्षेत्र के लोगों को पनौल पहुंचने के लिए लंबा और कठिन रास्ता अपनाना पड़ता है। पुल बन जाने से क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा और ग्रामीण इलाकों को मुख्य सड़क नेटवर्क से सीधी कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। यह परियोजना विशेष रूप से किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। बाड़ी मझेडवां पंचायत के अनेक किसानों की आधी से अधिक कृषि भूमि पनौल क्षेत्र में स्थित है, जबकि पनौल और अमरपुर पंचायतों के लोगों की कृषि भूमि बाड़ी मझेडवां में पड़ती है। पुल न होने के कारण किसानों को खेती बाड़ी, फसल ढुलाई और कृषि उपकरण ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब तक सीर खड्ड पर पुल के अभाव में लोगों को अपनी ही जमीनों तक पहुंचने के लिए 6 से 7 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता था। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी होता था। बरसात के मौसम में खड्ड का जलस्तर बढ़ने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता था, जिससे ग्रामीणों का संपर्क कई बार टूट जाता था।
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पुल के निर्माण से कार, जीप जैसे हल्के वाहनों की आवाजाही संभव हो सकेगी, जिससे न केवल खेतीबाड़ी बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन स्थितियों में भी सुविधा मिलेगी। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं की पहुंच आसान होने से ग्रामीणों की सुरक्षा और जीवन स्तर में सुधार आएगा। वर्षों से चली आ रही क्षेत्रवासियों की मांग अब पूरी होने जा रही है। पुल क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगा और ग्रामीणों के जीवन में स्थायी बदलाव लाएगा।
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