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Bilaspur News: मासिक धर्म में पौष्टिक आहार करें
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सीएच मारकंड में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित आशा वर्कर व अन्य
सीएच मारकंड में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग ने सीएच मारकंड में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया। स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने आशा कार्यकर्ताओं को मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी दी।
उन्होंने बताया की मासिक धर्म प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। यह महिला में हारमोंस के कारण होती है। मासिक धर्म का चक्र हर महीने होता है। यह सभी महिलाओं या किशोरियों में एक जैसा नहीं होता। किसी का मासिक धर्म का चक्कर छोटा और किसी का लंबा होता है। मेंस्ट्रुएशन में महिला को तीन से सात दिन तक मासिक धर्म रहता है। यदि यह इससे भी अधिक लंबा हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें। सामान्य यह चक्र 10 से 14 साल की आयु में शुरू हो जाता है और 44 से 52 साल तक की आयु के बीच में समाप्त हो जाता है। मासिक धर्म हार्मोन में परिवर्तन के कारण होता है। इस दौरान 30 मिलीलीटर से 70 मिलीलीटर तक रक्त बाहर आता है। महिलाओं में रक्त अल्पता होने के ज्यादा संभावना रहती है।
किशोरियों और महिलाओं को अपने पोषण में हरी पत्तेदार सब्जियां दूध और दूध से बने पदार्थ फल गुड अंकुरित अनाज जरूर शामिल करना चाहिए, ताकि रक्त अल्पता से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि महिला को मासिक धर्म पूर्व कुछ एक समस्याएं समानता आती हैं जैसे कि हल्का-सा पेट का फूलना, मूड स्विंग, चेहरे पर फोड़े फुंसी आने लगते हैं। यह समानता अपने आप ठीक हो जाते हैं। किशोरी या महिला को नाभि से नीचे हल्का सा दर्द होना भी एक स्वाभाविक है। किसी भी महिला या किशोरी को इन हल्के फुल्के लक्षणों के लिए अपने मर्जी के अनुसार पेन किलर या दूसरी दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य स्टाफ, आशा वर्कर आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। स्वास्थ्य विभाग ने सीएच मारकंड में विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया। स्वास्थ्य शिक्षक मस्तराम ने आशा कार्यकर्ताओं को मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी दी।
उन्होंने बताया की मासिक धर्म प्राकृतिक शारीरिक प्रक्रिया है। यह महिला में हारमोंस के कारण होती है। मासिक धर्म का चक्र हर महीने होता है। यह सभी महिलाओं या किशोरियों में एक जैसा नहीं होता। किसी का मासिक धर्म का चक्कर छोटा और किसी का लंबा होता है। मेंस्ट्रुएशन में महिला को तीन से सात दिन तक मासिक धर्म रहता है। यदि यह इससे भी अधिक लंबा हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें। सामान्य यह चक्र 10 से 14 साल की आयु में शुरू हो जाता है और 44 से 52 साल तक की आयु के बीच में समाप्त हो जाता है। मासिक धर्म हार्मोन में परिवर्तन के कारण होता है। इस दौरान 30 मिलीलीटर से 70 मिलीलीटर तक रक्त बाहर आता है। महिलाओं में रक्त अल्पता होने के ज्यादा संभावना रहती है।
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किशोरियों और महिलाओं को अपने पोषण में हरी पत्तेदार सब्जियां दूध और दूध से बने पदार्थ फल गुड अंकुरित अनाज जरूर शामिल करना चाहिए, ताकि रक्त अल्पता से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि महिला को मासिक धर्म पूर्व कुछ एक समस्याएं समानता आती हैं जैसे कि हल्का-सा पेट का फूलना, मूड स्विंग, चेहरे पर फोड़े फुंसी आने लगते हैं। यह समानता अपने आप ठीक हो जाते हैं। किशोरी या महिला को नाभि से नीचे हल्का सा दर्द होना भी एक स्वाभाविक है। किसी भी महिला या किशोरी को इन हल्के फुल्के लक्षणों के लिए अपने मर्जी के अनुसार पेन किलर या दूसरी दवाइयां नहीं लेनी चाहिए। इस अवसर पर स्वास्थ्य स्टाफ, आशा वर्कर आदि उपस्थित रहे।
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