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Bilaspur News: जगह-जगह टूटी पेयजल लाइन, तीन दिन बाद मिल रहा पानी
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चौपाल के लिए 26 साल पहले बिछाई थी आठ किलोमीटर लंबी लाइन, पेयजल योजना की जल शक्ति विभाग नहीं ले रहा सुध, सर्दी पर पेयजल संकट गहराने के आसार
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। नगर पंचायत चौपाल के लिए 26 साल पुरानी पेयजल याेजना की पाइप लाइन बदतर हो चुकी है। इसे बदलने को लेकर जल शक्ति विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इस साल हिमपात के दौरान सर्दियों में फिर चौपाल कस्बे में पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। टूटी लाइनों और सोर्स में पानी घटने के बाद लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है। पहले भी लाइन के बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद लोग लंबे समय तक पेयजल संकट का सामना कर चुके हैं।
नगर परिषद चौपाल के लिए 1998 में बनी थलन स्कीम आठ किलोमीटर लंबी है। पाइप पुरानी होने के कारण उससे कस्बे तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। कई जगह पाइप टूट चुके हैं। अभी तक नगर पंचायत चौपाल की लगभग 20 हजार आबादी के लिए 1998 में बनी थलन स्कीम के अलावा दो उठाऊ पेयजल योजनाओं से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। चौपाल में प्रतिदिन करीब नौ लाख लीटर पानी की खपत होती है। इन पेयजल योजना से प्रतिदिन मात्र दो लाख लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसलिए जल शक्ति विभाग चौपाल में तीसरे दिन पेयजल आपूर्ति कर रहा है।
नगर पंचायत चौपाल के पार्षद दीपक चंदेल, नीलम मधाईक, वरिष्ठ नागरिक ज्ञान सिंह औकटा ने कहा कि थलन पेयजल योजना काफी पुरानी है। लाइन कई जगह टूट चुकी है। इससे लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। विभाग ने कोई दूसरी लाइन नहीं बिछाई है। आगामी बर्फवारी में यदि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई तो मुख्य सोर्स तक पहुंचना मुश्किल होगा। कस्बे के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ सकता है। सर्दियों में बिजली की कम वोल्टेज के चलते उठाऊ पेयजल योजना भी नियमित नहीं चल रही है। नगरवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पेयजल संकट हल करने के लिए उचित कदम उठाए।
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अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग नेरवा रजनीश वर्मा ने कहा कि लाइन की मरम्मत की गई है। इसके अलावा उठाऊ पेयजल योजना से भी पानी दिया रहा है। चौपाल में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की विभाग पूरी कोशिश कर रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। नगर पंचायत चौपाल के लिए 26 साल पुरानी पेयजल याेजना की पाइप लाइन बदतर हो चुकी है। इसे बदलने को लेकर जल शक्ति विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इस साल हिमपात के दौरान सर्दियों में फिर चौपाल कस्बे में पेयजल संकट गहराने के आसार हैं। टूटी लाइनों और सोर्स में पानी घटने के बाद लोगों को तीसरे दिन पानी मिल रहा है। पहले भी लाइन के बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद लोग लंबे समय तक पेयजल संकट का सामना कर चुके हैं।
नगर परिषद चौपाल के लिए 1998 में बनी थलन स्कीम आठ किलोमीटर लंबी है। पाइप पुरानी होने के कारण उससे कस्बे तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। कई जगह पाइप टूट चुके हैं। अभी तक नगर पंचायत चौपाल की लगभग 20 हजार आबादी के लिए 1998 में बनी थलन स्कीम के अलावा दो उठाऊ पेयजल योजनाओं से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। चौपाल में प्रतिदिन करीब नौ लाख लीटर पानी की खपत होती है। इन पेयजल योजना से प्रतिदिन मात्र दो लाख लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है। इसलिए जल शक्ति विभाग चौपाल में तीसरे दिन पेयजल आपूर्ति कर रहा है।
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नगर पंचायत चौपाल के पार्षद दीपक चंदेल, नीलम मधाईक, वरिष्ठ नागरिक ज्ञान सिंह औकटा ने कहा कि थलन पेयजल योजना काफी पुरानी है। लाइन कई जगह टूट चुकी है। इससे लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। विभाग ने कोई दूसरी लाइन नहीं बिछाई है। आगामी बर्फवारी में यदि पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हुई तो मुख्य सोर्स तक पहुंचना मुश्किल होगा। कस्बे के लोगों को पेयजल संकट झेलना पड़ सकता है। सर्दियों में बिजली की कम वोल्टेज के चलते उठाऊ पेयजल योजना भी नियमित नहीं चल रही है। नगरवासियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि पेयजल संकट हल करने के लिए उचित कदम उठाए।
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अधिशासी अभियंता जल शक्ति विभाग नेरवा रजनीश वर्मा ने कहा कि लाइन की मरम्मत की गई है। इसके अलावा उठाऊ पेयजल योजना से भी पानी दिया रहा है। चौपाल में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की विभाग पूरी कोशिश कर रहा है।