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Bilaspur News: एम्स बिलासपुर के लिए छह करोड़ की लागत से बिछेगी डोर-टू-डोर गैस पाइपलाइन
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एक्सक्लूसिव
बीपीसीएल ने तैयार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट,समीक्षा के बाद होगा अंतिम फैसला
तकनीक के आधार पर घट सकती है लागत,मंजूरी मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
एम्स की आवासीय कॉलोनी,हॉस्टलों, कैंटीन,कैफेटेरिया में मिलेगी सुविधा
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर को पाइप्ड नेचुरल गैस सुविधा से जोड़ने की दिशा में परियोजना अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। संस्थान के लिए डोर-टू-डोर गैस पाइपलाइन बिछाने को लेकर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय अधिकारियों ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को समीक्षा के लिए भेज दिया गया है, जहां से हरी झंडी मिलते ही अगला चरण शुरू होगा।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, एम्स परिसर में गैस पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह नेटवर्क एम्स की आवासीय कॉलोनी, हॉस्टलों, कैंटीन, कैफेटेरिया और संस्थान के अन्य प्रमुख भवनों को जोड़ते हुए डोर-टू-डोर सुविधा देगा। बीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि अभी जो अनुमानित लागत तैयार की गई है, वह अस्थायी आंकड़ा है। परियोजना की समीक्षा के दौरान उच्च स्तर पर यह जांचा जाएगा कि पाइप लाइन बिछाने के लिए कौन–सी अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जाए,ताकि सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले,भविष्य में रखरखाव लागत कम हो और कुल परियोजना खर्च में कमी लाई जा सके।
अधिकारियों के अनुसार,मौजूदा अनुमान परियोजना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, लेकिन तकनीकी विकल्पों पर अंतिम सहमति बनते ही लागत में कमी या मामूली फेरबदल संभव है। रिपोर्ट की समीक्षा पूरी होने के बाद बीपीसीएल मुख्यालय की अनुमति से परियोजना को टेंडर प्रक्रिया में उतारा जाएगा। टेंडर पास होने के बाद पाइपलाइन रूट के अंतिम निर्धारण,सुरक्षा परीक्षण,कंप्रेसिंग यूनिट की स्थापना और चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
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बीपीसीएल की योजना के अनुसार, गैस वितरण प्रणाली को सक्षम बनाने के लिए परिसर के भीतर कंप्रेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। यह यूनिट गैस को प्रेशराइज कर स्थिर और सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित करेगी। साथ ही आग सुरक्षा प्रोटोकॉल, गैस लीक डिटेक्टर,बैकअप लाइनें और मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे मानकों को भी डीपीआर में जोड़ा गया है। संवाद
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एम्स बिलासपुर के लिए डोर-टू-डोर पाइप्ड गैस सप्लाई की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय को समीक्षा के लिए भेज दी गई है। शुरुआती अनुमान करीब छह करोड़ रुपये का है, लेकिन यह अंतिम लागत नहीं है। उच्च अधिकारी यह देखेंगे कि कौन-सी आधुनिक तकनीक अपनाई जाए, ताकि खर्च कम हो और सुरक्षा सर्वोच्च रहे। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-मयूर चौवतिया, क्षेत्रीय प्रबंधक, बीपीसीएल
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बीपीसीएल ने तैयार की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट,समीक्षा के बाद होगा अंतिम फैसला
तकनीक के आधार पर घट सकती है लागत,मंजूरी मिलते ही शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया
एम्स की आवासीय कॉलोनी,हॉस्टलों, कैंटीन,कैफेटेरिया में मिलेगी सुविधा
अनिल ठाकुर
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर को पाइप्ड नेचुरल गैस सुविधा से जोड़ने की दिशा में परियोजना अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी है। संस्थान के लिए डोर-टू-डोर गैस पाइपलाइन बिछाने को लेकर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय अधिकारियों ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को समीक्षा के लिए भेज दिया गया है, जहां से हरी झंडी मिलते ही अगला चरण शुरू होगा।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, एम्स परिसर में गैस पाइप लाइन नेटवर्क बिछाने पर करीब छह करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह नेटवर्क एम्स की आवासीय कॉलोनी, हॉस्टलों, कैंटीन, कैफेटेरिया और संस्थान के अन्य प्रमुख भवनों को जोड़ते हुए डोर-टू-डोर सुविधा देगा। बीपीसीएल ने स्पष्ट किया है कि अभी जो अनुमानित लागत तैयार की गई है, वह अस्थायी आंकड़ा है। परियोजना की समीक्षा के दौरान उच्च स्तर पर यह जांचा जाएगा कि पाइप लाइन बिछाने के लिए कौन–सी अत्याधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जाए,ताकि सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिले,भविष्य में रखरखाव लागत कम हो और कुल परियोजना खर्च में कमी लाई जा सके।
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अधिकारियों के अनुसार,मौजूदा अनुमान परियोजना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, लेकिन तकनीकी विकल्पों पर अंतिम सहमति बनते ही लागत में कमी या मामूली फेरबदल संभव है। रिपोर्ट की समीक्षा पूरी होने के बाद बीपीसीएल मुख्यालय की अनुमति से परियोजना को टेंडर प्रक्रिया में उतारा जाएगा। टेंडर पास होने के बाद पाइपलाइन रूट के अंतिम निर्धारण,सुरक्षा परीक्षण,कंप्रेसिंग यूनिट की स्थापना और चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
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बीपीसीएल की योजना के अनुसार, गैस वितरण प्रणाली को सक्षम बनाने के लिए परिसर के भीतर कंप्रेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी। यह यूनिट गैस को प्रेशराइज कर स्थिर और सुरक्षित सप्लाई सुनिश्चित करेगी। साथ ही आग सुरक्षा प्रोटोकॉल, गैस लीक डिटेक्टर,बैकअप लाइनें और मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे मानकों को भी डीपीआर में जोड़ा गया है। संवाद
एम्स बिलासपुर के लिए डोर-टू-डोर पाइप्ड गैस सप्लाई की डीपीआर तैयार कर मुख्यालय को समीक्षा के लिए भेज दी गई है। शुरुआती अनुमान करीब छह करोड़ रुपये का है, लेकिन यह अंतिम लागत नहीं है। उच्च अधिकारी यह देखेंगे कि कौन-सी आधुनिक तकनीक अपनाई जाए, ताकि खर्च कम हो और सुरक्षा सर्वोच्च रहे। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-मयूर चौवतिया, क्षेत्रीय प्रबंधक, बीपीसीएल