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जिला अस्पताल की दो एंबुलेंस अनफिट, प्रशासन नहीं ले रहा सुध

Thu, 02 Sep 2021 11:02 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:02 PM IST
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disobeying rules in emergency
बिलासपुर अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस। - फोटो : BILASPUR
बिलासपुर। जिला अस्पताल बिलासपुर में एंबुलेंस की फिटनेस की अनदेखी का चौंकने वाला मामला सामने आया है। आपात स्थिति के लिए इस्तेमाल होने वाली एंबुलेंस सड़कों पर नियम, कानूनों को ताक पर रखकर दौड़ रही हैं, लेकिन फिर भी इन एंबुलेंस पर कार्रवाई करने वाला कोई नहीं है। वहीं, जिला अस्पताल में आपात स्थिति में भी जब एंबुलेंस की जरूरत पड़ती है। तब उसके लिए भी इधर से उधर भागना पड़ता है। अन्य वाहनों की पुलिस भी जांच करती है, लेकिन इन एंबुलेंस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
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इस संबंध में अमर उजाला टीम की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पड़ताल के दौरान सामने आया कि अस्पताल की एंबुलेंस सड़कों पर नियमों की धज्जियां उड़ा रही हैं। न तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इनकी फिटनेस करवाने की जिम्मेदारी समझी और न ही उन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई की, जिनके ऊपर वाहनों की फिटनेस जांच की जिम्मेदारी है।
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प्रशासन की ओर से आम लोगों और निजी गाड़ियों और एंबुलेंसों की तो समय-समय पर फिटनेस जांच की जाती है। वहीं, जिनकी फिटनेस खत्म हो गई है, उनका चालान भी किया जाता है। लेकिन सरकारी एंबुलेंस की फिटनेस जांच की कोई सुध लेने को तैयार नहीं है। जिला अस्पताल बिलासपुर के पास आपात स्थिति के लिए गिनती की तीन एंबुलेंस हैं। इनमें से एक एंबुलेंस कई सालों से खराब है। वहीं, दो एंबुलेंस की स्थिति थोड़ी ठीक है। जो आपात स्थिति के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं, लेकिन इन दोनों की एंबुलेंस की फिटनेस खत्म है। जिसमें एचपी 24ए 4633 की फिटनेस 11 फरवरी 2021 और एचपी 24ए 2759 की फिटनेस 15 अप्रैल 2020 को खत्म हो गई है। एक एंबुलेंस की फिटनेस खत्म हुए एक साल से ऊपर का समय हो गया है। वहीं, दूसरी एंबुलेंस की फिटनेस को खत्म हुए 6 माह का समय बीत चुका है, लेकिन फिर भी नियम-कानून को दरकिनार कर इन्हें सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। लापरवाही सिर्फ फिटनेस की ही नहीं, बल्कि लोगों को मिलने वाली एबुंलेंस सुविधा के लिए भी तिकड़म लड़ाने पड़ते हैं। रैफर की स्थिति मरीज को एंबुलेंस के लिए घंटों का इंतजार करना पड़ता है। इससे यह साबित होता है कि प्रशासन एंबुलेंस की फिटनेस के साथ मरीजों की फिटनेस पर भी कोई ध्यान नहीं देता। इस संबंध में एमएस नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि इस बारे में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एंबुलेंस की स्थिति को भी सुधारा जाएगा।
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