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स्थानीय निकायों के लिए वेब पोर्टल किया विकसित : धर्माणी
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नगर नियोजक, आवास मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर नियोजक, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की वर्ष 2024 की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनसे प्रदेश में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने प्रदेश के योजना, विशेष क्षेत्रों और शहरी और स्थानीय निकायों के लिए ई-डीसीआर क्षमता के साथ वेब पोर्टल विकसित किया है। यह पोर्टल निर्माण मानचित्रों की स्वचालित जांच और 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय निर्माण के लिए ऑनलाइन अनुमोदन की सुविधा प्रदान करता है। अब तक इस पोर्टल से 680 मामलों को स्वीकृत किया जा चुका है। राज्य सरकार ने भवनों की अटारी को रहने योग्य बनाने का प्रावधान किया है। यह प्रावधान भवनों में उपलब्ध स्थान के अधिकतम उपयोग की अनुमति देता है।
पूर्ण एफएआर का उपयोग करने वालों को अतिरिक्त 0.25 प्रीमियम एफएआर प्रदान की जाएगी। पिछले दो वर्ष में, राज्य सरकार ने शिमला, कुल्लू घाटी, मेहतपुर, चौपाल जैसे चार योजना क्षेत्रों, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और हाटकोटी जैसे दो विशेष क्षेत्रों की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं से इन क्षेत्रों में नियोजित और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए फोर लेन योजना क्षेत्रों का गठन किया गया है। इनमें परवाणू-शिमला, किरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
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बिलासपुर। नगर नियोजक, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग की वर्ष 2024 की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनसे प्रदेश में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा।
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने प्रदेश के योजना, विशेष क्षेत्रों और शहरी और स्थानीय निकायों के लिए ई-डीसीआर क्षमता के साथ वेब पोर्टल विकसित किया है। यह पोर्टल निर्माण मानचित्रों की स्वचालित जांच और 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय निर्माण के लिए ऑनलाइन अनुमोदन की सुविधा प्रदान करता है। अब तक इस पोर्टल से 680 मामलों को स्वीकृत किया जा चुका है। राज्य सरकार ने भवनों की अटारी को रहने योग्य बनाने का प्रावधान किया है। यह प्रावधान भवनों में उपलब्ध स्थान के अधिकतम उपयोग की अनुमति देता है।
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पूर्ण एफएआर का उपयोग करने वालों को अतिरिक्त 0.25 प्रीमियम एफएआर प्रदान की जाएगी। पिछले दो वर्ष में, राज्य सरकार ने शिमला, कुल्लू घाटी, मेहतपुर, चौपाल जैसे चार योजना क्षेत्रों, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और हाटकोटी जैसे दो विशेष क्षेत्रों की विकास योजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं से इन क्षेत्रों में नियोजित और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा। राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के क्षेत्रों में नियोजित विकास सुनिश्चित करने के लिए फोर लेन योजना क्षेत्रों का गठन किया गया है। इनमें परवाणू-शिमला, किरतपुर-मनाली, शिमला-मटौर और पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
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