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Bilaspur News: हैंडपंप और सीवरेज कार्यों में अनियमितताओं की मांंगी जांच
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पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम ने लगाए अनियमितताओं के आरोप
निष्पक्ष जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम ने नगर परिषद क्षेत्र में हैंडपंप और सीवरेज कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गत नगर परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित पार्षदों को जनता का भरपूर समर्थन मिला था, जिसके लिए वे शहरवासियों के आभारी हैं। अब जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नगर परिषदों को हर वर्ष मिलने वाली टाइड ग्रांट के तहत सीवरेज और पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है, लेकिन पिछले कार्यकाल में प्रत्येक वार्ड में दो-दो हैंडपंप लगाने की योजना को गलत तरीके से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोलॉजिस्ट की रिपोर्ट, पार्षदों के सुझाव और नगर परिषद के जेई व एसडीओ की ओर से चिन्हित स्थानों को नजरअंदाज कर मनमाने स्थानों पर हैंडपंप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर सीवरेज लाइनों के बीच से हैंडपंप की पाइपलाइन डाली गई, जिससे सीवरेज व्यवस्था प्रभावित हुई और ब्लॉकेज की समस्या सामने आई। गौतम ने सरकार और संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने, कार्य तत्काल बंद करने, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और योजना के लिए जारी अग्रिम राशि नगर परिषद को वापस देने की मांग की, ताकि परिषद स्वयं पारदर्शी तरीके से योजना का क्रियान्वयन कर सके। प्रेस वार्ता में उन्होंने शहर में चल रही करीब 100 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पिछले छह माह के दौरान परियोजना के तहत जिन सड़कों और टाइलों को उखाड़ा गया, उनकी अब तक मरम्मत नहीं की गई है। इससे लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष जमुना देवी, उपाध्यक्ष नरेंद्र पंडित और पार्षद अजय चंदेल मौजूद रहे।
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निष्पक्ष जांच और ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष कमल गौतम ने नगर परिषद क्षेत्र में हैंडपंप और सीवरेज कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि गत नगर परिषद चुनाव में भाजपा समर्थित पार्षदों को जनता का भरपूर समर्थन मिला था, जिसके लिए वे शहरवासियों के आभारी हैं। अब जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनकी जिम्मेदारी है। बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नगर परिषदों को हर वर्ष मिलने वाली टाइड ग्रांट के तहत सीवरेज और पेयजल योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है, लेकिन पिछले कार्यकाल में प्रत्येक वार्ड में दो-दो हैंडपंप लगाने की योजना को गलत तरीके से लागू किया गया। उन्होंने कहा कि हाइड्रोलॉजिस्ट की रिपोर्ट, पार्षदों के सुझाव और नगर परिषद के जेई व एसडीओ की ओर से चिन्हित स्थानों को नजरअंदाज कर मनमाने स्थानों पर हैंडपंप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर सीवरेज लाइनों के बीच से हैंडपंप की पाइपलाइन डाली गई, जिससे सीवरेज व्यवस्था प्रभावित हुई और ब्लॉकेज की समस्या सामने आई। गौतम ने सरकार और संबंधित विभाग से पूरे मामले की जांच कराने, कार्य तत्काल बंद करने, संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने और योजना के लिए जारी अग्रिम राशि नगर परिषद को वापस देने की मांग की, ताकि परिषद स्वयं पारदर्शी तरीके से योजना का क्रियान्वयन कर सके। प्रेस वार्ता में उन्होंने शहर में चल रही करीब 100 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि पिछले छह माह के दौरान परियोजना के तहत जिन सड़कों और टाइलों को उखाड़ा गया, उनकी अब तक मरम्मत नहीं की गई है। इससे लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष जमुना देवी, उपाध्यक्ष नरेंद्र पंडित और पार्षद अजय चंदेल मौजूद रहे।