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क्वारंटीन केंद्र में हुई हंसराज मौत मामले की जांच को लेकर विफरे ग्रामीण
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- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। स्वारघाट क्वारंटीन केंद्र में हुई हंसराज की मौत की गुत्थी सुलझाने को लेकर शुक्रवार को किसानों ने श्रमिक कल्याण सभा के अध्यक्ष आशीष ठाकुर की अगुवाई में कॉलेज चौक बिलासपुर से जिलाधीश कार्यालय तक शांति मार्च निकाला। इसके बाद लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया गया। धरने में मुख्य रूप से पूर्व सदर विधायक बंबर ठाकुर मौजूद रहे।
धरना सभा को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि इस मामले में प्रशासन स्तर से लापरवाही बरती जा रही है। बताया कि हंसराज की मौत क्वारंटीरन केंद्र में हुई थी। इस मामले से जुड़ी किसी भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कहा कि हंसराज को हादसे के बाद चंडीगढ़ रेफर करने की बजाए बिलासपुर भेजा गया। कहा कि उनकी मांग है कि मृतक के परिवार का न्याय मिले और उसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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आशीष ठाकुर ने कहा कि हंसराज के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए परिजन की बार प्रशासन का दरवाजा खटखटा चुके हैं। लेकिन आज तक प्रशासन के कानों में जूं तक नही रेंगी है। कहा कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को ज्ञपान भेज उक्त मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करवाने की मांग की थी। ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके, लेकिन अभी तक कोई जांच सामने नहीं आई है। इसलिए, धरने पर बैठे हैं। इस मौके कुहमझवाड़ पंचायत के उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर, देश राज और 100 से ज्यादा ग्रामीण मौजूद रहे।
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धरना सभा को संबोधित करते हुए बंबर ठाकुर ने कहा कि इस मामले में प्रशासन स्तर से लापरवाही बरती जा रही है। बताया कि हंसराज की मौत क्वारंटीरन केंद्र में हुई थी। इस मामले से जुड़ी किसी भी जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
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कहा कि हंसराज को हादसे के बाद चंडीगढ़ रेफर करने की बजाए बिलासपुर भेजा गया। कहा कि उनकी मांग है कि मृतक के परिवार का न्याय मिले और उसके दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाए।
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आशीष ठाकुर ने कहा कि हंसराज के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए परिजन की बार प्रशासन का दरवाजा खटखटा चुके हैं। लेकिन आज तक प्रशासन के कानों में जूं तक नही रेंगी है। कहा कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को ज्ञपान भेज उक्त मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करवाने की मांग की थी। ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके, लेकिन अभी तक कोई जांच सामने नहीं आई है। इसलिए, धरने पर बैठे हैं। इस मौके कुहमझवाड़ पंचायत के उपप्रधान धर्म सिंह ठाकुर, देश राज और 100 से ज्यादा ग्रामीण मौजूद रहे।