{"_id":"5e6d14a18ebc3ea7bd242acf","slug":"culture-activity-bilaspur-news-sml327537349","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोल की थाप और बाबा के जयकारों के साथ चैत्र मेले शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोल की थाप और बाबा के जयकारों के साथ चैत्र मेले शुरू
विज्ञापन
तलाई में बाबा के दर पहुंचे श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए।
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहतलाई(बिलासपुर)। उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा बालक नाथ की तपोभूमि में कोरोना वायरस का खौफ दूर-दूर तक नजर नहीं आया। यहां श्रद्धालुओं और मंदिर न्यास के न्यासियों ने पूजा अर्चना करके बाबा जी के झंडे को नया रूप देकर चढ़ाने की रस्म अदा करके मेलों का शुभारंभ किया। हालांकि पहले इस कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर की ओर से झंडा रस्म को अदा किया जाना था लेकिन कोरोना वायरस के चलते राज्य सरकार की गाइड लाइन के बाद कोई भी अधिकारी इस कार्यक्रम में नहीं आया। इस कारण न्यासियों और श्रद्धालुओं ने झंडा रस्म को अदा किया।
हालांकि कोरोना वायरस महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने मेलों उत्सवों जहां अधिक संख्या में लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा रखी है जिससे मेला अधिकारी व झंडूता के तहसीलदार मुलतान सिंह वनियाल मेला क्षेत्र में प्रबंधों का जायजा लेते रहे ताकि मेले में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पुलिस प्रशासन मेले में सुरक्षा व्यवस्था में जुटा रहा जिसके चलते मंदिर न्यासियों और बाबा जी के श्रद्धालुओं ने बाबा जी के झंडे को नया रूप देकर चढ़ा कर मेलों का शुभारंभ कर दिया। मेला शुरू होते ही डोलक की थाप पर बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि जयकारों की गूंज से समूचे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। चैत्र माह के मेलों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ के अलावा जापान, अमरीका, कनाडा के साथ हिमाचल के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि कोरोना वायरस महामारी के चलते प्रदेश सरकार ने मेलों उत्सवों जहां अधिक संख्या में लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा रखी है जिससे मेला अधिकारी व झंडूता के तहसीलदार मुलतान सिंह वनियाल मेला क्षेत्र में प्रबंधों का जायजा लेते रहे ताकि मेले में बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विज्ञापन
पुलिस प्रशासन मेले में सुरक्षा व्यवस्था में जुटा रहा जिसके चलते मंदिर न्यासियों और बाबा जी के श्रद्धालुओं ने बाबा जी के झंडे को नया रूप देकर चढ़ा कर मेलों का शुभारंभ कर दिया। मेला शुरू होते ही डोलक की थाप पर बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि जयकारों की गूंज से समूचे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो गया। चैत्र माह के मेलों में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, चंडीगढ़ के अलावा जापान, अमरीका, कनाडा के साथ हिमाचल के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आते हैं।
विज्ञापन