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Bilaspur News: नयना देवी में डंपिंग साइट की जगह मिली क्रशर की बजरी
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-फोरलेन विस्थापित, प्रभावित समिति ने की थी शिकायत
-राजस्व विभाग की जांच के बाद हुआ मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर जिस जगह निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने डंपिंग साइट दर्शाई है, वहां पर डंपिंग साइट की जगह बजरी पड़ी है। वहीं अन्य जगह खाली है। उस स्थान पर कहीं भी मिट्टी डंप नहीं की गई है। इसकी पुष्टि नायब तहसीलदार स्वारघाट ने पत्र संख्या एसडब्ल्यूजी-एसएनडी ओके (विविध) 2022-3678 में की है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इसके बारे में स्थानीय प्रशासन को शिकायत की थी। समिति के महासचिव मदन लाल ने कहा कि किरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण को डंप करने के बारे में दर्शाई जा रही डंपिंग साइट गुमराह करने वाली है। कंपनी ने जिन साइट का जिक्र किया है, मुहाल गरा श्री नयना देवी में इस तरह की साइट पर कोई मिट्टी डंप नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत राजस्व विभाग को दी थी, जब जांच हुई तो पाया गया कि मौके पर जो डंपिंग साइट दर्शाई गई है, उस डंपिंग साइट पर मक डंपिंग नहीं हो पाई है। जांच में पाया गया कि मिट्टी डंप करने वाली साइट पर मात्र क्रेशर वाली बजरी पड़ी है और बाकी भाग खाली है।
मदन लाल शर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण कंपनी हर विषय पर सरकार और प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रही है। समिति ने हैरानी जताई कि विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर हुई अवैध मक डंपिंग को आरओडब्ल्यू के भीतर दर्शाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि सड़क निर्माण कंपनी आज तक अपना आरओडब्ल्यू मौके पर नियमानुसार स्थापित नहीं कर पाई है। जब मौके पर राइट ऑफ वे ही नहीं है तो संबंधित कंपनी किस आधार पर मक डंपिंग को आरओ डब्लयू के भीतर डंप होने का दावा कर रही है।
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-राजस्व विभाग की जांच के बाद हुआ मामले का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। किरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर जिस जगह निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने डंपिंग साइट दर्शाई है, वहां पर डंपिंग साइट की जगह बजरी पड़ी है। वहीं अन्य जगह खाली है। उस स्थान पर कहीं भी मिट्टी डंप नहीं की गई है। इसकी पुष्टि नायब तहसीलदार स्वारघाट ने पत्र संख्या एसडब्ल्यूजी-एसएनडी ओके (विविध) 2022-3678 में की है।
फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने इसके बारे में स्थानीय प्रशासन को शिकायत की थी। समिति के महासचिव मदन लाल ने कहा कि किरतपुर-नेरचौक सड़क निर्माण को डंप करने के बारे में दर्शाई जा रही डंपिंग साइट गुमराह करने वाली है। कंपनी ने जिन साइट का जिक्र किया है, मुहाल गरा श्री नयना देवी में इस तरह की साइट पर कोई मिट्टी डंप नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत राजस्व विभाग को दी थी, जब जांच हुई तो पाया गया कि मौके पर जो डंपिंग साइट दर्शाई गई है, उस डंपिंग साइट पर मक डंपिंग नहीं हो पाई है। जांच में पाया गया कि मिट्टी डंप करने वाली साइट पर मात्र क्रेशर वाली बजरी पड़ी है और बाकी भाग खाली है।
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मदन लाल शर्मा ने कहा कि सड़क निर्माण कंपनी हर विषय पर सरकार और प्रशासन को गुमराह करने का काम कर रही है। समिति ने हैरानी जताई कि विभिन्न विभागों द्वारा मौके पर हुई अवैध मक डंपिंग को आरओडब्ल्यू के भीतर दर्शाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि सड़क निर्माण कंपनी आज तक अपना आरओडब्ल्यू मौके पर नियमानुसार स्थापित नहीं कर पाई है। जब मौके पर राइट ऑफ वे ही नहीं है तो संबंधित कंपनी किस आधार पर मक डंपिंग को आरओ डब्लयू के भीतर डंप होने का दावा कर रही है।
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