फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   three gard saspend

लकड़ी गाबय होने पर तीन गार्ड सस्पेंड

Fri, 03 Jun 2016 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर Updated Fri, 03 Jun 2016 11:14 PM IST
विज्ञापन

वन विभाग की ओर से पंजगाई व बराथू में सीज की गई लकड़ी के गायब होने के मामले में तीन गार्ड सस्पेंड कर दिए गए हैं। गार्ड पर आरोप है कि उन्होंने डीएफओ की मंजूरी लिए बिना की पकड़ी गई खैर की लकड़ी को रिलीज कर दिया। इसकी पुष्टि डीएफओ बिलासपुर सीबी ताशीलदार ने की है।

विज्ञापन


पंजगाई व भराथू क्षेत्र में करीब एक हजार खैर के पेड़ों को वन काटुओं ने काटा। उसके बाद लकड़ी को वन विभाग ने कब्जे में लेकर पंजगाईं में रखा था, लेकिन करीब 1.50 करोड़ की लकड़ी गायब हो गई। उसके बाद मामले की जांच बैठाई गई।
विज्ञापन


जांच में पाया गया कि लकड़ी चोरी नहीं हुई है, लेकिन उक्त लकड़ी को डीएफओ से मंजूरी लिए बिना वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने रिलीज कर दिया। जबकि लकड़ी डीएफओ की मंजूरी के बिना रलीज नहीं हो सकती थी। इस बारे में वन विभाग बिलासपुर के डीएफओ सीवी ताशीलदार ने बताया कि विभागीय जांच में पूरे मामले में स्थानीय कर्मचारियों की लापरवाही पाई गई। इस कारण तीन गार्डों को लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पंजगाईं वन बीट के तहत हुए कथित अवैध खैर कटान के मामले में डीएफओ बिलासपुर ने इस वन बीट के तहत खैर के डिपो से लकड़ी को सीज किया था। जांच पूरी होने तक इस खैर की लकड़ी को बाहर भेजने पर पूर्ण पाबंदी लगाई थी, लेकिन गत 27 मार्च को तत्कालीन डीएफओ का तबादला हो गया और बिलासपुर में नए डीएफओ ने कार्यभार संभाला।


उसके बाद जब मौजूदा डीएफओ ने स्पॉट का विजिट किया तो मौके से खैर की सीज की गई लकड़ी गायब पाया। इस लकड़ी की निगरानी करने की जिम्मेवारी तीनों वन रक्षकों को सौंपी थी। इन वन रक्षकों ने विभाग के उच्चाधिकारियों की अनुमति लिए बिना ही इस लकड़ी को रिलीज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed