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चरस रखने के मामले में चार साल का कारावास
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
Updated Tue, 20 Dec 2016 10:32 PM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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मंगलवार को विशेष न्यायाधीश बिलासपुर बहादुर सिंह की अदालत ने चरस के मामले में दोषी को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। शुभम वर्मा पुत्र रमेश चंद वर्मा निवासी कर्शिगड़ कुठेड तहसील आनी जिला कुल्लू को मादक द्रव्य निषेध कानून एनडीपीएस की धारा 20.61.65 के तहत चरस रखने के आरोप सिद्ध होने पर 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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जुर्माना अदा न करने की एवज में 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट में 9 गवाह पेश किए। इसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई है।
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जिला लोक अभियोजक संदीप अत्री ने बताया कि 25 अप्रैल 2014 को जब थाना प्रभारी लखवीर सिंह पुलिस टीम के साथ सुबह 4.15 पर नाके से वापस आ रहे थे। इसी दौरान जब वह बीडीओ कार्यालय स्वारघाट के समीप पहुंचे तो उन्होंने देखा की एक युवक पीठ पर बैग उठाकर ले जा रहा था। जब पुलिस ने उसके समीप गाड़ी रोकी और उससे पूछताछ की तो युवक ने अपनी पहचान शुभम वर्मा पुत्र रमेश चंद वर्मा के रूप में बताई।
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पुलिस के बैग की तलाशी लेने पर उसमें एक प्लास्टिक बैग में 430 ग्राम चरस उसके कब्जे से बरामद की गई। इस पर स्वारघाट पुलिस ने मादक द्रव्य निषेध कानून के तहत आरोपी युवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की।
इसके बाद मामले की छानबीन करने के उपरांत मामले का चालान कोर्ट में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने कुल 9 गवाह अदालत के समक्ष पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी शुभम को दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।