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चेक बाउंस मामले के दोषी पुलिस कांस्टेबल को भेजा जेल
ब्यूरो/ अमर उजाला, घुमारवी(बिलासपुर)।
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:39 PM IST
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- फोटो : Demo Pic.
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न्यायिक दंडाधिकारी घुमारवीं प्रतिभा नेगी की अदालत से सजा प्राप्त अपराधी पुलिस कांस्टेबल बंसीलाल को वीरवार को जेल भेज दिया है। आरक्षी बंसीलाल ने रामचंद नामक व्यक्ति को चेक जारी किया था। लेकिन चेक बाउंस हो गया। इसके बाद कोर्ट ने बंसी लाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी।
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शिकायतकर्ता राम चंद के निचली अदालत में रहे अधिवक्ता रहे दिनेश शर्मा ने बताया कि बंसीलाल ने जारी चेक को उसके बैंक खाते में पैसे निकालने के लिए लगाया था लेकिन बंसीलाल के खाते में पैसे न होने के चलते चेक को बाउंस हो गया।
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शिकायतकर्ता ने चेक बाउंस होने की शिकायत नेगोशिएबल इंट्रूमेंट एक्ट के तहत अदालत में दायर की। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरक्षी बंसीलाल को दोषी करार देते हुए 3 महीने के कारावास और डेढ़ लाख रुपये शिकायतकर्ता को अदा करने का आदेश सुनाया। इस आदेश के खिलाफ बंसीलाल ने सेशन कोर्ट में अपील दायर की जहां उसकी अपील को खारिज कर दिया गया।
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इसके बाद बंसीलाल ने इस फैसले के खिलाफ प्रदेश उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की लेकिन वहां से भी उसे कोई राहत नहीं मिली और अदालत में बंसीलाल की याचिका को खारिज कर दिया।
उच्च न्यायालय ने इसकी सूचना निचली अदालत को दे दी। अदालत ने बंसीलाल को पेश होने के लिए समन जारी किए लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके उपरांत अदालत में उसके खिलाफ उद्घोषित अपराधी की प्रक्रिया शुरू की।
इस प्रक्रिया के तहत पुलिस ने बंसीलाल को वीरवार अदालत में पेश किया। बंसीलाल ने बताया कि उसने प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में अपील की है।
लेकिन वह सजा पर रोक का कोई दस्तावेज अदालत के समक्ष पेश नहीं कर पाया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रतिभा नेगी की अदालत ने बंसीलाल को सजायाफ्ता होने के चलते जेल भेज दिया है।