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चरस रखने पर दोषी को सात साल का कठोर कारावास
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बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश घुमारवीं अमन सूद कैंप बिलासपुर की अदालत ने खड़क बहादुर पुत्र करण बहादुर गांव लेख गांव डाकखाना फिनीगाढ़ा तहसील वीरेंद्रनगर जिला सुरखेत नेपाल को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत दोषी करार दिया। इस पर कोर्ट ने दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। उप जिला न्यायवादी उमेश भारद्वाज ने मुकदमा की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 7 मार्च 2018 को जब पुलिस एएसआई रोशन लाल थाना सदर बिलासपुर के नेतृत्व में गश्त पर नौणी मंडीमाणवा में शाम 4:30 बजे मौजूद थे। इसी दौरान दोषी अपने हाथ में एक बोरी लिए हुए सड़क पर पैदल जाता हुआ दिखाई दिया।
जैसे ही पुलिस को देखा दोषी खड़क बहादुर घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे काबू किया और तलाशी ली। पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 770 ग्राम चरस बरामद बरामद हुई जिसके बाद सदर पुलिस ने इस मामले में अभियोग पत्र अदालत में पेश किया गया। इस दौरान उप जिला न्यायवादी उमेश भारद्वाज ने कोर्ट में खड़क बहादुर के खिलाफ कड़े साक्ष्य रखे जिसको सही मानते हुए अदालत ने खड़क बहादुर को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार की ओर से जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज व उप जिला न्यायवादी उमेश कुमार ने की।
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जैसे ही पुलिस को देखा दोषी खड़क बहादुर घबरा गया और भागने का प्रयास करने लगा। शक होने पर पुलिस ने उसे काबू किया और तलाशी ली। पुलिस को तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 770 ग्राम चरस बरामद बरामद हुई जिसके बाद सदर पुलिस ने इस मामले में अभियोग पत्र अदालत में पेश किया गया। इस दौरान उप जिला न्यायवादी उमेश भारद्वाज ने कोर्ट में खड़क बहादुर के खिलाफ कड़े साक्ष्य रखे जिसको सही मानते हुए अदालत ने खड़क बहादुर को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई है। इस मुकदमे की पैरवी सरकार की ओर से जिला न्यायवादी विनोद भारद्वाज व उप जिला न्यायवादी उमेश कुमार ने की।
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